छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नौ माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, मुख्यधारा में लौटने की अपील

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति का असर दिखाई देने लगा है। सोमवार को जिले में सक्रिय नौ माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला माओवादी अंजू भी शामिल हैं, जिन्होंने अन्य माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।
आकाशवाणी समाचार से बातचीत में अंजू ने कहा कि माओवादी संगठन में रहकर न तो भविष्य सुरक्षित है और न ही जीवन में स्थिरता। उन्होंने गरियाबंद और आसपास के इलाकों में सक्रिय माओवादियों से हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
गरियाबंद जिले के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने भी इस मौके पर कहा कि जो माओवादी अब भी जंगलों में सक्रिय हैं, उन्हें आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को इस साल मार्च तक माओवादी समस्या से मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ-साथ आत्मसमर्पण और पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में दो हजार से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ा है और समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। यह आंकड़ा राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
