मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी’

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छत्तीसगढ़ के लिए हाल ही में प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम का विशेष महत्व रहा, क्योंकि इस दौरान प्रदेश की खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से स्थान मिला। कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह अवसर पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब देश का शीर्ष नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और उसकी सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करता है, तो यह केवल कुछ व्यक्तियों की सफलता का सम्मान नहीं होता, बल्कि पूरे प्रदेश की मेहनत, प्रतिभा और सामूहिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में ‘मन की बात’ देशभर की सकारात्मक कहानियों, नवाचारों, प्रेरणादायक व्यक्तित्वों और असाधारण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने वाला प्रभावशाली मंच बन चुका है। इस मंच के माध्यम से देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान मिलती है और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त होती है।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से आने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले अनिमेष की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने 100 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गई है।

अनिमेष कुजूर की यात्रा संघर्ष, समर्पण और अथक मेहनत की मिसाल है। ग्रामीण क्षेत्र में पले-बढ़े इस युवा खिलाड़ी ने अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास किया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानी। खेल के प्रति उनका जुनून और लक्ष्य के प्रति समर्पण उन्हें नई ऊंचाइयों तक लेकर गया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि किसी युवा के पास दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत करने का जज्बा हो, तो सीमित संसाधन भी उसकी राह में बाधा नहीं बन सकते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा युवाओं को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है। आज भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं और देश के लिए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। यह बदलते भारत की नई सोच और आत्मविश्वास का परिचायक है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के और भी युवा खेल जगत में देश का नाम रोशन करेंगे।

खेल उपलब्धियों के साथ-साथ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी विशेष महत्व मिला। बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक नगर मल्हार में प्राप्त प्राचीन ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख प्रदेश की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला क्षण रहा। माना जाता है कि ये दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाएं लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी हैं और उस काल की शासन व्यवस्था, सामाजिक जीवन, संस्कृति तथा धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभाशाली युवाओं का प्रदेश नहीं है, बल्कि यह गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी केंद्र है। राज्य सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों और विरासत से जुड़ी रह सकें।

उन्होंने कहा कि एक ओर जहां प्रदेश का युवा खिलाड़ी विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी दुनिया के सामने रख रही है। यह दोनों उपलब्धियां मिलकर छत्तीसगढ़ को नई पहचान देने और प्रदेशवासियों में आत्मगौरव की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं। यही कारण है कि यह अवसर पूरे राज्य के लिए प्रेरणा, सम्मान और नई ऊर्जा का प्रतीक बन गया है।

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