धुरंधर रिव्यू: रणवीर सिंह की उग्र अदाकारी और आदित्य धर का मास्टरस्ट्रोक

रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और रिलीज के साथ ही दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई है। निर्देशक आदित्य धर, जिन्होंने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई, इस बार और भी अधिक तीखे, दमदार और उच्च स्तर के एक्शन के साथ लौटे हैं। फिल्म एक ऐसे हिंदुस्तान की कहानी दिखाती है जो न सिर्फ बदला लेने की काबिलियत रखता है, बल्कि जिस पर हमला करने वाले दुश्मनों को घर में घुसकर जवाब भी देता है।
कहानी: कंधार से लेकर 26/11 तक, एक मिशन—धुरंधर फिल्म की शुरुआत 1999 के कंधार विमान अपहरण से होती है। भारत के आईबी चीफ अजय सान्याल (आर माधवन) इस घटना का कड़ा जवाब देना चाहते हैं, मगर राजनीतिक दखल से योजना रुक जाती है। इसके बाद 2002 का संसद हमला होता है और तब जाकर सरकार अजय सान्याल का प्लान ‘धुरंधर’ लागू करती है। यहां से कहानी हमजा (रणवीर सिंह) की एंट्री के साथ गति पकड़ती है। हमजा अफगानिस्तान से पाकिस्तान की राह पकड़ता है और वहां गैंगस्टर रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) के गिरोह में शामिल होता है। एक शादी समारोह में रहमान के बेटे की जान बचाते हुए हमजा उसकी नजरों में आता है और धीरे-धीरे उसका सबसे भरोसेमंद आदमी बन जाता है।
रहमान की गैंग में काम करते हुए हमजा की मुलाकात जमील यमाली की बेटी येलीना (सारा अर्जुन) से होती है, जिसे वह अपने मिशन के लिए इस्तेमाल करता है। इसी दौरान उसका सामना आईएसआई चीफ मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) से होता है, जो उसके सामने ही 26/11 हमला करता है। ये घटना हमजा के भीतर गहरी आग जगा देती है।
इसके बाद कहानी राजनीतिक चालों, गैंगस्टर वॉर और आतंकवाद के गढ़ में घुसने के मिशन के बीच रोमांचक मोड़ लेती है। आगे क्या होता है, यह जानने के लिए फिल्म देखना बनता है।
एक्टिंग: रणवीर सिंह का बेस्ट परफॉर्मेंस, अक्षय खन्ना का कड़ा मुकाबला रणवीर सिंह अपने किरदार में पूरी तरह ढले दिखते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज, एक्सेंट, तीखे भाव—सब कुछ किरदार को जीवंत बनाते हैं अक्षय खन्ना अपने दमदार संवादों और रफ्तारदार एक्टिंग से रणवीर को बराबर की चुनौती देते हैं। अर्जुन रामपाल आतंकवादी सरगना के रूप में डर पैदा कर देते हैं, जबकि संजय दत्त की एंट्री पावरफुल और प्रभावी है। आईबी चीफ के रूप में आर माधवन अपने हर सीन में छाप छोड़ते हैं। छोटे कलाकार भी प्रभावशाली हैं और कुल मिलाकर एक्टिंग डिपार्टमेंट फिल्म की मजबूती है।
निर्देशन: आदित्य धर का सबसे परिपक्व और दमदार काम आदित्य धर ने ‘धुरंधर’ को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन एक्शन फिल्मों की लिस्ट में खड़ा कर दिया है। रियल 26/11 ऑडियो क्लिप्स का इस्तेमाल फिल्म को बेहद वास्तविक बनाता है। एक्शन दृश्यों में क्वालिटी, स्केल और इमोशन का जबरदस्त मेल है। देशभक्ति का भाव फिल्म के हर फ्रेम में महसूस होता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि ‘धुरंधर’ आदित्य धर का मास्टरस्ट्रोक है।
