चारा घोटाला केस में बड़ा अपडेट: लालू प्रसाद यादव समेत सभी आरोपियों की होगी रोजाना सुनवाई

एनडीए द्वारा बार-बार उठाए जा रहे चारा घोटाले मामले में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले की सुनवाई अब रोजाना आधार पर होगी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने बुधवार से इस केस की दैनिक सुनवाई शुरू करने का आदेश दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने मामलों के तेजी से निष्पादन के निर्देश के बाद लिया गया है।
अब मामले में शामिल सभी आरोपियों को कोर्ट द्वारा तय तारीखों पर शारीरिक रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इस केस में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, कई तत्कालीन मंत्री, विधायक और आईएएस अधिकारी आरोपी के रूप में नामजद हैं।
घोटाले की पृष्ठभूमि
चारा घोटाले के इस मामले की शुरुआत वर्ष 1996 में हुई, जब भागलपुर के बांका उप जिला कोषागार से पशुपालन विभाग के लिए जाली बिलों के जरिए करीब 45 लाख रुपये की अवैध निकासी सामने आई। मामला बढ़ने पर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सहित 44 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
चारा घोटाला मुख्य रूप से आज के झारखंड राज्य में हुए उन फर्जी खर्चों से जुड़ा है, जो बिहार के पशुपालन विभाग के माध्यम से किए गए थे। हालांकि घोटाले की शुरुआत 1980 के दशक में ही हो चुकी थी, जब बिहार में कांग्रेस की सरकार थी।
सीएजी ने पहले ही जताई थी गड़बड़ी की आशंका
भारत के तत्कालीन नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) टी.एन. चतुर्वेदी ने उस समय बिहार के खजाने से हो रही संदिग्ध निकासी और रसीदों में देरी को लेकर सवाल उठाए थे। सीएजी ने स्पष्ट रूप से गड़बड़ लेनदेन और धनशोधन की आशंका जताई थी, लेकिन उस समय की सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
समय के साथ यह घोटाला बढ़ता गया और लालू यादव के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने तक यह रकम 950 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी थी।
