करोड़ की जीएसटी चोरी मामला, फ्यूचर मेकर कंपनी के सीएमडी और एमडी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी

istockphoto-1130669886-612x612

Wooden letters GST and money coin stack on red table background, financial concept

Share this post

करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी और फ्यूचर मेकर कंपनी से जुड़े कथित जीएसटी घोटाले के मामले में सोमवार को कंपनी के सीएमडी राधेश्याम और उनके पार्टनर व एमडी बंसीलाल की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। इस दौरान जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर की गवाही दर्ज की गई, हालांकि समय की कमी के कारण गवाही पूरी नहीं हो सकी।

आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नरेश कुमार सचदेवा ने बताया कि अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 16 फरवरी तय की है, जिसमें असिस्टेंट कमिश्नर की शेष गवाही पूरी की जाएगी। इससे पहले हिसार अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर कर रखी है।

आयकर विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि फ्यूचर मेकर कंपनी देशभर में लोगों को सदस्य बनाने के लिए प्रति व्यक्ति 3,750 रुपये शुल्क वसूलती थी। इस तरीके से कंपनी ने करोड़ों रुपये एकत्र किए, लेकिन इस राशि पर देय जीएसटी सरकार के खाते में जमा नहीं कराई गई। शिकायत के अनुसार कंपनी पर 54 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी बकाया है।

बताया गया है कि नोटिस जारी होने के बावजूद कंपनी ने न तो विभाग को कोई जवाब दिया और न ही बकाया राशि का भुगतान किया। इसके बाद जीएसटी विभाग ने आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। वारंट जारी होने के बाद राधेश्याम और बंसीलाल ने 10 नवंबर 2025 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। गंभीर आरोपों और भारी बकाया राशि को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। फिलहाल दोनों आरोपी सेंट्रल जेल नंबर दो, हिसार में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *