सोना-चांदी में भारी गिरावट: ट्रंप के बयान से निवेशकों में निराशा, बुलियन बाजार में मची हलचल
सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय पर आई जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में रहते हैं। हालांकि इस बार बाजार की दिशा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान से प्रभावित हुई, जिसने निवेशकों की उम्मीदों को झटका दिया।
दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव को लेकर कोई सकारात्मक संकेत मिलेगा, जिससे बाजार में स्थिरता आएगी। लेकिन अपने संबोधन में ट्रंप ने संघर्ष के जल्द समाप्त होने का स्पष्ट संकेत नहीं दिया। इसके बजाय उन्होंने यह कहा कि स्थिति अभी भी गंभीर है और आने वाले समय में सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। इस बयान ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया, जिससे निवेशकों ने सोना और चांदी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले विकल्पों में भी मुनाफावसूली शुरू कर दी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के वायदा भाव में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में ही कीमतें तेजी से नीचे आईं और दिन के दौरान यह अपने निचले स्तर तक पहुंच गईं। इसी तरह चांदी में भी बड़ी गिरावट देखी गई, जो सोने से भी अधिक प्रतिशत में नीचे गई। इससे साफ है कि निवेशकों ने दोनों धातुओं में एक साथ बिकवाली की।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी यही रुझान देखने को मिला। हाजिर सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि यह केवल घरेलू नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर फैला हुआ ट्रेंड है। कमेक्स बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें दबाव में रहीं और वहां भी तेज गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की शुरुआती मजबूती बाद में खत्म हो गई क्योंकि निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिली। जब कोई बड़ा भू-राजनीतिक संकट होता है, तो आमतौर पर सोना और चांदी सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत होते हैं। लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग रही, क्योंकि संभावित सैन्य कार्रवाई और अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क बना दिया।
ट्रंप के बयान में यह भी कहा गया कि संघर्ष समाप्त होने के करीब है, लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान के खिलाफ बड़ा कदम उठा सकता है। इस तरह के विरोधाभासी संकेतों ने बाजार में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे थे कि आने वाले समय में स्थिति शांत होगी या और ज्यादा बिगड़ेगी।
कुल मिलाकर, सोने और चांदी में आई यह गिरावट बाजार की संवेदनशीलता को दर्शाती है। वैश्विक घटनाओं का इन धातुओं की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है और निवेशक हर नए संकेत पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भू-राजनीतिक स्थिति किस दिशा में जाती है और इसका असर बाजार पर किस तरह पड़ता है।
