अमेरिका-ईरान युद्धविराम से शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 2800 अंक चढ़ा

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अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम की घोषणा ने वैश्विक स्तर पर राहत का माहौल पैदा किया है, जिसका सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ तौर पर देखने को मिला। इस खबर के सामने आते ही निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में जोरदार खरीदारी शुरू हो गई। इसके परिणामस्वरूप प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब चार प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 2800 अंकों से अधिक की मजबूती देखने को मिली, जिससे यह 77 हजार के पार पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी में भी करीब 850 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,900 के करीब कारोबार करता नजर आया। यह उछाल इस बात का संकेत है कि निवेशक भू-राजनीतिक तनाव कम होने से राहत महसूस कर रहे हैं और बाजार में फिर से जोखिम लेने के लिए तैयार हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी आने से वैश्विक बाजारों में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है। इसका असर तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जो लंबे समय से अस्थिर बनी हुई थीं। चूंकि भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता या गिरावट से देश की अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है। यही कारण है कि निवेशकों ने इस घटनाक्रम को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया और बाजार में तेजी देखने को मिली।

इस दौरान बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खासतौर पर खरीदारी देखी गई। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि वैश्विक स्तर पर शांति बनी रहती है, तो आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और कंपनियों के मुनाफे में सुधार होगा। इससे शेयर बाजार में आगे भी मजबूती बनी रह सकती है।

विदेशी मुद्रा बाजार में भी इस घटनाक्रम का असर देखा गया। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत हुआ और इसमें 39 पैसे की बढ़त दर्ज की गई। रुपया 92.59 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। आमतौर पर जब वैश्विक तनाव कम होता है, तो उभरते बाजारों की मुद्राएं मजबूत होती हैं और विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ता है।

विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। यदि संघर्ष विराम कायम रहता है और भू-राजनीतिक स्थिति में और सुधार होता है, तो निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। हालांकि, किसी भी अप्रत्याशित घटना से बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर, इस घटनाक्रम ने निवेशकों को राहत दी है और बाजार में सकारात्मक माहौल पैदा किया है। इससे यह साफ है कि वैश्विक शांति और स्थिरता का सीधा असर आर्थिक गतिविधियों और निवेश के माहौल पर पड़ता है, जिससे शेयर बाजार को नई दिशा मिलती है।

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