भारी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, आईटी शेयरों की तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार रिकवरी
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को उतार-चढ़ाव भरा दिन देखने को मिला। दिन की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई थी, जिससे बाजार में शुरुआती दबाव साफ नजर आया। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबारी सत्र आगे बढ़ा, बाजार ने शानदार वापसी करते हुए अंत में बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखाया कि बाजार में अभी भी मजबूती बनी हुई है और गिरावट के दौरान खरीदारी का रुझान जारी है।
कारोबार के शुरुआती घंटों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स अपने इंट्रा-डे लो तक गिर गया था, लेकिन बाद में इसमें जोरदार रिकवरी देखने को मिली। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स में करीब 1700 अंकों से अधिक की तेजी आई, जो बाजार में मजबूत खरीदारी का संकेत देती है। अंत में यह हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी में भी शुरुआत में भारी गिरावट आई, लेकिन बाद में इसमें सुधार हुआ और यह भी बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।
इस रिकवरी में आईटी सेक्टर की भूमिका सबसे अहम रही। आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे बाजार को सहारा मिला। इसके अलावा रियल्टी, सर्विसेज, मेटल, प्राइवेट बैंक और एफएमसीजी सेक्टरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। इन सेक्टरों की मजबूती ने बाजार को गिरावट से उबारने में मदद की और निवेशकों का भरोसा बनाए रखा।
दूसरी ओर, कुछ सेक्टरों में कमजोरी भी बनी रही। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन क्षेत्रों में बिकवाली के चलते बाजार पर कुछ हद तक नकारात्मक असर भी पड़ा, लेकिन कुल मिलाकर तेजी का पलड़ा भारी रहा।
बाजार के बड़े शेयरों में कई प्रमुख कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे सेंसेक्स को मजबूती मिली। वहीं कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी देखी गई, जो बाजार के मिश्रित रुख को दर्शाता है। इस दौरान लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल बड़े और सुरक्षित शेयरों की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों का भी बाजार पर असर पड़ा है। खासतौर पर वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और संभावित भू-राजनीतिक घटनाओं ने निवेशकों को सतर्क बना दिया था। इसी कारण बाजार की शुरुआत में घबराहट देखने को मिली। हालांकि, बाद में निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में लिया, जिससे बाजार में तेजी लौट आई।
इसके अलावा भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी बाजार को सहारा दिया। जब घरेलू मुद्रा मजबूत होती है, तो इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और बाजार में सकारात्मक माहौल बनता है। कुल मिलाकर, गुरुवार का सत्र यह दर्शाता है कि बाजार में भले ही अस्थिरता हो, लेकिन मजबूत बुनियादी कारकों के चलते निवेशकों का भरोसा कायम है और हर गिरावट के बाद बाजार में वापसी की क्षमता बनी हुई है।
