भारत में AI शिक्षा को बढ़ावा देगा गूगल, राज्यों और यूनिसेफ के साथ शुरू करेगा बड़ा अभियान

Google ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षा को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने राज्य सरकारों और UNICEF के साथ साझेदारी कर देशभर में AI साक्षरता और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीक को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाना है ताकि छात्रों और शिक्षकों दोनों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
लंदन में आयोजित वैश्विक शिक्षा सम्मेलन के दौरान घोषित इस कार्यक्रम के तहत गूगल “Google AI Educator Series” नाम से एक विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू करेगा। यह कार्यक्रम भारत के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से लागू किया जाएगा। शुरुआती चरण में महाराष्ट्र, असम, छत्तीसगढ़, लद्दाख और पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के साथ मिलकर शिक्षकों को AI आधारित टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप तैयार की गई है, जिसमें तकनीक आधारित सीखने को प्राथमिकता दी गई है।
गूगल के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मोबाइल-फर्स्ट मॉडल पर आधारित होगा ताकि देश के दूरदराज क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। शुरुआत में इसे हिंदी, असमिया, मराठी, तेलुगु, ओड़िया और पंजाबी समेत छह भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। आगे चलकर इसे और अधिक भाषाओं में विस्तार देने की योजना है ताकि अधिक से अधिक शिक्षक और छात्र इसका लाभ उठा सकें।
इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस शिक्षकों को AI टूल्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सिखाना है। खासतौर पर Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म को कक्षा में बेहतर शिक्षण अनुभव के लिए इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाएगा। इसके जरिए शिक्षकों को कंटेंट तैयार करने, छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार पढ़ाई कराने और इंटरैक्टिव लर्निंग मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी। कंपनी का मानना है कि AI तकनीक शिक्षा को अधिक आसान, आकर्षक और प्रभावी बना सकती है।
गूगल ने यूनिसेफ के साथ तीन साल की वैश्विक साझेदारी की भी घोषणा की है। यह सहयोग भारत के अलावा ब्राजील, पाकिस्तान और केन्या जैसे देशों में शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और सीखने के परिणाम बेहतर बनाने पर केंद्रित होगा। इस साझेदारी के तहत गूगल की तकनीकी विशेषज्ञता और यूनिसेफ के शिक्षा क्षेत्र के अनुभव को मिलाकर नई डिजिटल शिक्षण प्रणालियां विकसित की जाएंगी।
कार्यक्रम के तहत Read Along और NotebookLM जैसे AI आधारित टूल्स का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से छात्रों की पढ़ने और समझने की क्षमता को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही व्यक्तिगत सीखने के मॉडल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि हर छात्र अपनी गति और क्षमता के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सके।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य डिजिटल अंतर को कम करना भी है। कंपनी का कहना है कि देश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक तकनीक और प्रशिक्षण संसाधनों की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर वर्ष इस कार्यक्रम के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा ताकि सफल मॉडलों को बड़े स्तर पर लागू किया जा सके और शिक्षा क्षेत्र में AI का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
