शुरुआती बढ़त के बाद शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक फिसला, आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा

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भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन किया। शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ खुलने के बाद बाजार ने अपनी बढ़त गंवा दी और अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर निवेशकों की धारणा पर साफ दिखाई दिया। दिनभर के कारोबार के दौरान निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा, हालांकि आईटी सेक्टर के शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की।

कारोबार के दौरान BSE Sensex ने शुरुआत में अच्छी तेजी दिखाई थी, लेकिन बाद में इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई। दिन के उच्चतम स्तर से सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा नीचे फिसल गया। बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 114 अंकों की गिरावट के साथ 75,200 के करीब बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी दिन के हाई से 160 अंक से ज्यादा टूटकर लाल निशान में बंद हुआ। निवेशकों ने दिनभर वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी बाजारों की चाल पर नजर बनाए रखी।

हालांकि व्यापक बाजारों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जबकि मिडकैप इंडेक्स भी मजबूती के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि चुनिंदा सेक्टरों और मझोली कंपनियों में बनी हुई है।

सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दबाव सबसे ज्यादा देखने को मिला। निजी बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स कमजोर रहा। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर आईटी सेक्टर बाजार का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभरा। आईटी कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर में बना रहा।

Infosys, HCLTech, Tech Mahindra, Tata Consultancy Services और Wipro जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी सेवाओं की मांग मजबूत रहने से इन कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर Kotak Mahindra Bank, Titan Company, UltraTech Cement और Bharti Airtel जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

दिनभर के उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी देखने को मिली। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर 459 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया। इससे निवेशकों को कुल मिलाकर एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की अनिश्चितता के बावजूद भारतीय बाजार में लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

शुरुआती कारोबार में अमेरिका और ईरान से जुड़ी खबरों के कारण बाजार में सकारात्मक माहौल बना था, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और वैश्विक चिंता के चलते बाजार फिसल गया। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, विदेशी निवेश प्रवाह और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी।

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