इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 5 लाख से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी, एआई के अगले चरण पर भारत का फोकस
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लेकर इसे एक ऐतिहासिक आयोजन बना दिया। उन्होंने कहा कि यह समिट केवल एक तकनीकी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारत की डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी बना। बड़ी संख्या में आए प्रतिभागियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, अत्याधुनिक एआई तकनीकों को करीब से समझा और दुनिया भर से आए विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया।
मंत्री के अनुसार इस समिट में विश्व के प्रमुख एआई खिलाड़ी, तकनीकी कंपनियां, नीति विशेषज्ञ और स्टार्टअप्स शामिल हुए। अनेक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप्स को अपने नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारत एआई के क्षेत्र में तेजी से उभरती हुई ताकत बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने भारत की तकनीकी प्रतिभा और नवाचार क्षमता को एक मजबूत पहचान दी है।
अश्विनी वैष्णव ने एआई मिशन के अगले चरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने एआई स्टैक की बुनियादी संरचना तैयार कर ली है और अब उन्नत मॉडल विकसित करने, कंप्यूट क्षमता बढ़ाने तथा सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि एआई के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ वैश्विक सहयोग भी आवश्यक है और यह समिट उसी दिशा में एक प्रभावी मंच साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव एआई विजन को भी समिट में व्यापक समर्थन मिला। मंत्री ने बताया कि जिम्मेदार और नैतिक एआई के सिद्धांतों पर विशेष बल दिया गया। इस पहल में छात्रों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत की नई पीढ़ी एआई नवाचार की अगुवाई करने के लिए तैयार है।
समिट के दौरान एआई क्षेत्र में बड़े निवेश के संकेत भी सामने आए। मंत्री के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश में 250 अरब डॉलर से अधिक और डीप टेक वेंचर कैपिटल में लगभग 20 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं जताई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत की तकनीकी क्षमताओं और नीति ढांचे पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।
एआई सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने 12 संस्थानों का नेटवर्क तैयार किया है, जो शोध, मानक निर्धारण और सुरक्षा ढांचे के विकास पर काम कर रहा है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने और चिप निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि तकनीकी संप्रभुता और सुरक्षित डिजिटल भविष्य के लिए यह कदम बेहद अहम हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिभा क्षमता और संतुलित विदेश नीति के कारण दुनिया एआई के नए दौर में भारत की भूमिका को गंभीरता से स्वीकार कर रही है। समिट की घोषणा पर 70 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं और आने वाले समय में इस संख्या के और बढ़ने की उम्मीद है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में एक निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
