अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है भारत–ब्रिटेन CETA, 99% भारतीय उत्पादों पर मिलेगी जीरो ड्यूटी
भारत और United Kingdom के बीच हुआ कॉम्प्रिहैन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट यानी CETA अप्रैल 2026 से लागू होने की उम्मीद है। इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होते ही दोनों देशों के बीच व्यापार करना पहले से ज्यादा आसान और सस्ता हो जाएगा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि प्रयास है कि यह समझौता इसी वर्ष अप्रैल से प्रभावी हो जाए।
भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई 2025 को इस महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। CETA के तहत भारत के 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में जीरो ड्यूटी पर प्रवेश मिलेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ होगा और टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है। दूसरी ओर ब्रिटेन के उत्पादों जैसे कार और व्हिस्की पर भारत में आयात शुल्क कम किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को भी फायदा मिल सकता है।
यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है। व्यापार लागत घटने से द्विपक्षीय व्यापार में तेजी आने की संभावना है और निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक सहयोग को भी बल मिलेगा।
इसके अलावा दोनों देशों ने डबल कॉन्ट्रिब्यूशंस कन्वेंशन पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्थायी रूप से काम करने वाले कर्मचारियों को दोनों देशों में एक ही प्रकार के सोशल लेवी या अंशदान दोबारा न चुकाने पड़ें। अधिकारी के अनुसार CETA और DCC दोनों समझौते एक साथ लागू किए जा सकते हैं, जिससे व्यापार और पेशेवर गतिविधियों को और अधिक सुगमता मिलेगी।
