ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ, उत्तराखंड की योग नीति से बढ़ेगा योग और वेलनेस पर्यटन

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ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में योगाचार्य, योग साधक और देश-विदेश से आए लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने योग की वैश्विक महत्ता और उत्तराखंड की आध्यात्मिक परंपरा पर प्रकाश डाला। देवभूमि उत्तराखंड की पहचान सदियों से योग, ध्यान और अध्यात्म की भूमि के रूप में रही है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस महोत्सव का आयोजन किया गया है।

ऋषिकेश को दुनिया की योग राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। यहां बहने वाली पवित्र गंगा, हिमालय की गोद में बसा शांत वातावरण और प्राकृतिक रूप से शुद्ध जलवायु योग साधना के लिए आदर्श मानी जाती है। यही कारण है कि हर साल दुनिया के विभिन्न देशों से हजारों लोग यहां योग सीखने और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के दौरान भी विदेशी प्रतिभागियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है, जो भारत की प्राचीन योग परंपरा को करीब से समझने के लिए उत्साहित हैं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उत्तराखंड सरकार ने देश की पहली योग नीति 2025 लागू की है, जिसका उद्देश्य राज्य को वैश्विक योग और वेलनेस हब के रूप में विकसित करना है। इस नीति के तहत राज्य में योग और ध्यान केंद्रों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल योग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि राज्य में रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा होंगे।

योग नीति के अंतर्गत योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में विभिन्न संस्थानों और शोध केंद्रों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि योग के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभों पर और अधिक अध्ययन हो सके। इससे योग को आधुनिक चिकित्सा और वेलनेस के साथ जोड़कर व्यापक स्तर पर अपनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

प्रदेश में स्वास्थ्य और वेलनेस सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में उत्तराखंड में लगभग 300 आयुष्मान आरोग्य केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां लोगों को आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा 62 वेलनेस सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं, जो योग, ध्यान और प्राकृतिक उपचार के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

राज्य के प्रत्येक जनपद में आयुष चिकित्सालयों का संचालन भी किया जा रहा है, जिससे लोगों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ मिल सके। इन प्रयासों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को योग, आयुष और वेलनेस के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव जैसे आयोजनों से न केवल राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान मजबूत होती है बल्कि यह दुनिया भर के लोगों को भारतीय योग परंपरा से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।

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