कपूरथला मॉडर्न जेल के ऊपर देर रात ड्रोन मंडराया, तंबाकू और सिगरेट बरामद होने से बढ़ी सुरक्षा चिंता
पंजाब के कपूरथला जिले में स्थित मॉडर्न जेल उस समय चर्चा का केंद्र बन गई जब देर रात जेल परिसर के ऊपर एक संदिग्ध ड्रोन मंडराता हुआ देखा गया। यह घटना 17 और 18 तारीख की दरमियानी रात की है, जब जेल प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहा था। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे गश्त के दौरान अधिकारियों की नजर जेल की चारदीवारी के ऊपर उड़ते एक ड्रोन पर पड़ी। ड्रोन की गतिविधि को संदिग्ध मानते हुए तुरंत कार्रवाई की गई और उसे गिरा दिया गया।
हालांकि अंधेरा होने के कारण उसी समय ड्रोन का सटीक स्थान पता नहीं चल सका। जेल अधिकारियों और गार्डों ने पूरी रात परिसर में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन ड्रोन हाथ नहीं लगा। इसके बाद सुबह होते ही फिर से सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। करीब सुबह आठ बजे सुरक्षा टावर नंबर 9 के पीछे बैरक नंबर 3 के पास एक भूरे रंग का ड्रोन पड़ा मिला। ड्रोन मिनी 255 कंपनी का बताया जा रहा है।
ड्रोन के साथ टेप से लिपटा हुआ सामान भी मिला, जिसे खोलने पर उसमें से तंबाकू, सिगरेट, रोलिंग पेपर और पांच लाइटर बरामद हुए। इस बरामदगी के बाद जेल प्रशासन की चिंता और भी बढ़ गई है। हालांकि समय रहते ड्रोन को गिरा दिए जाने के कारण यह सामान जेल के अंदर कैदियों तक नहीं पहुंच सका, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल प्रशासन का कहना है कि यह पहली बार है जब ड्रोन के जरिए इस तरह का सामान जेल में पहुंचाने की कोशिश की गई है। इससे पहले इस प्रकार की घटना सामने नहीं आई थी। ऐसे में प्रशासन इसे बेहद गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों ने तुरंत ड्रोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि उसके ऑपरेटिंग कंट्रोल और उड़ान के स्रोत का पता लगाया जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ड्रोन कहां से उड़ाया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
इस घटना के बाद जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। अतिरिक्त गश्त, निगरानी और तकनीकी सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। जेल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल जेल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग किस तरह सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है। फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
