लोहाघाट में 256 करोड़ की लागत से बन रहा उत्तराखंड का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, निर्माण कार्यों का किया गया स्थलीय निरीक्षण

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जनपद चंपावत के लोहाघाट में उत्तराखंड के पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का हाल ही में स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया गया और कार्यदायी संस्था के साथ विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। इस परियोजना को प्रदेश में महिला खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

निर्माण स्थल पर पहुंचकर विभिन्न खेल सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कॉलेज परिसर में तैयार किए जा रहे फुटबॉल ग्राउंड और एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड का निरीक्षण किया गया, जहां कार्य तेजी से जारी है। इसके साथ ही वॉलीबॉल कोर्ट और बास्केटबॉल कोर्ट की संरचना को भी देखा गया। खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण भी इस परियोजना का अहम हिस्सा है। इन सभी खेल मैदानों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकें।

केवल खेल मैदान ही नहीं, बल्कि छात्राओं के रहने और पढ़ाई की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 300 बालिकाओं की क्षमता वाले छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है ताकि दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली प्रतिभाशाली बेटियां यहां सुरक्षित और बेहतर माहौल में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। इसके अलावा स्टाफ क्वार्टर का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षकों और कर्मचारियों को परिसर में ही रहने की सुविधा मिल सके।

परियोजना में प्रशासनिक भवन और एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण भी शामिल है। यहां खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाएगा। मल्टीपर्पज हॉल और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं छात्राओं को सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में भाग लेने का अवसर देंगी। साथ ही गेस्ट हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि प्रतियोगिताओं या विशेष आयोजनों के दौरान आने वाले अतिथियों और प्रशिक्षकों के ठहरने की समुचित व्यवस्था हो सके।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण यहां निर्माण कार्य में विशेष सावधानी और तकनीकी मानकों का पालन आवश्यक है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल चंपावत जिले बल्कि पूरे उत्तराखंड को लाभ मिलेगा। महिला खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी प्रतिभा को निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा।

लोहाघाट में बन रहा यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की बेटियों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। यह परियोजना खेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में जब यह कॉलेज पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तब यह क्षेत्र खेल प्रतिभाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभर सकता है और राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

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