लोहाघाट में आईटीबीपी के हिमवीरों संग मनाई गई होली, सीमाओं के रक्षकों को दिया सम्मान और शुभकामनाएं
उत्तराखंड के लोहाघाट में इस बार होली का पर्व खास अंदाज में मनाया गया, जहां देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी के हिमवीरों के साथ रंगों का यह त्योहार साझा किया गया। सीमांत क्षेत्र में तैनात जवानों के बीच पहुंचकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दी गईं और उनके साहस व समर्पण को नमन किया गया। पर्व का यह अवसर केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रसेवा में लगे वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का भावनात्मक क्षण भी बन गया।
कार्यक्रम के दौरान जवानों के चेहरों पर खुशी और आत्मीयता साफ झलक रही थी। कठिन ड्यूटी और जिम्मेदारियों के बीच जब रंगों की हल्की बौछार और पारंपरिक शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ तो माहौल उल्लास से भर उठा। सीमांत क्षेत्रों में तैनात ये जवान विषम भौगोलिक परिस्थितियों और कठोर जलवायु में दिन-रात देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। ऐसे में होली जैसे पावन पर्व पर उनके बीच पहुंचकर त्योहार मनाना उनके मनोबल को और मजबूत करने वाला कदम माना गया।
हिमवीर कहलाने वाले ये जवान बर्फीले पहाड़ों और दुर्गम इलाकों में चौकसी रखते हैं ताकि देश के नागरिक सुरक्षित रह सकें। उनका जीवन अनुशासन, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। परिवार से दूर रहकर हर परिस्थिति में डटे रहना उनके अदम्य साहस को दर्शाता है। होली के मौके पर जब देशवासी अपने घरों में परिवार और मित्रों के साथ रंगों का आनंद लेते हैं, तब ये जवान सीमाओं पर तैनात रहकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। यही उनका कर्तव्य और देशभक्ति का परिचायक है।
इस अवसर पर जवानों के योगदान को याद करते हुए कहा गया कि राष्ट्र की सुरक्षा में उनका योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय है। सीमांत इलाकों की चुनौतियां आसान नहीं होतीं, फिर भी हमारे सैनिक पूरे उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। उनके त्याग, तप और बलिदान के कारण ही देश सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है। होली के रंगों के बीच जब जवानों और उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं तो वह दृश्य भावुक करने वाला था।
लोहाघाट में आयोजित यह होली समारोह देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता का सुंदर संगम बन गया। पर्व के इस अवसर पर जवानों के साथ बिताए गए पल उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक थे। इससे यह संदेश भी गया कि देशवासी अपने रक्षकों के साथ खड़े हैं और उनके योगदान को हमेशा याद रखते हैं। होली के रंगों के बीच देशप्रेम की भावना और भी गहरी नजर आई।
यह आयोजन केवल एक त्योहार का उत्सव नहीं बल्कि उन वीरों को सलाम करने का अवसर था जो हर परिस्थिति में मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। सीमाओं के इन सजग प्रहरीयों के साथ मनाई गई होली ने यह एहसास और मजबूत किया कि राष्ट्र की सुरक्षा में जुटे जवानों का सम्मान और मनोबल बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
