मुख्य सेवक सदन में संवाद कार्यक्रम, जनकल्याण योजनाओं और संगठनात्मक मजबूती पर मंथन
मुख्य सेवक सदन में प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, संगठन की गतिविधियों और आने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठनात्मक समन्वय को और मजबूत बनाना रहा, ताकि आम जनता तक योजनाओं का लाभ समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँच सके।
इस दौरान कहा गया कि सरकार और संगठन के बीच मजबूत तालमेल ही सुशासन की असली ताकत है। हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी का दायित्व है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को वंचित न रहना पड़े।
बैठक में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निरंतर संवाद, जमीनी स्तर से फीडबैक और सक्रिय सहभागिता को बेहद जरूरी बताया गया। यह भी कहा गया कि जनता के साथ सीधा जुड़ाव ही बेहतर प्रशासन और भरोसेमंद व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है।
