डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ी, राज्य नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
आज पंजाब की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल देखा गया जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी से अपना त्यागपत्र दे दिया। डॉ. सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह उस पार्टी में नहीं रह सकती जहां काबिलियत की कदर नहीं होती और जहां संगठन कमजोर हो रहा है। उन्होंने खासकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर गुटबाजी को बढ़ावा देने, ईमानदार नेताओं को हाशिये पर धकेलने और पार्टी के अंदरूनी संगठन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे फैसले लिए गए जिसमें उनकी चुनावी संभावनाओं को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया और पार्टी नेतृत्व ने उन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जो खुलेआम संगठन को चुनौती देते रहे। डॉ. सिद्धू ने यह भी कहा कि उनके पास इन आरोपों को समर्थन करने वाले पर्याप्त सबूत हैं लेकिन वह किसी को नुकसान पहुँचाना नहीं चाहतीं।
इससे पहले पंजाब कांग्रेस ने दिसंबर में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया था, जब उन्होंने यह कहा था कि मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये के सूटकेस की आवश्यकता होती है, जिस बयान ने राजनीतिक विवाद शुरू किया था।
राजनीतिक हलकों में अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनके इस कदम के बाद पंजाब कांग्रेस की सूरत और आगामी चुनावों की राजनीति कैसे बदलेगी, और क्या डॉ. सिद्धू किसी और राजनीतिक पैनल का रुख करेंगी या नहीं
