अंबाला के गांव कड़ासन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का किया अनावरण, विकास कार्यों के लिए 21-21 लाख की घोषणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने अंबाला जिले के गांव कड़ासन में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण कर क्षेत्रवासियों को एक महत्वपूर्ण सौगात दी। इस अवसर पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और उनके संदेश आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं होतीं, बल्कि वे समाज को प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करने का माध्यम बनती हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव कड़ासन में विकास कार्यों के लिए 21 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और गांव के समग्र विकास के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद उत्थान समिति को भी 21 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई, ताकि समिति सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करना है और हर गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि गांव कड़ासन के लोग इस सहायता राशि का उपयोग जनहित में करेंगे और क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों ने भी अपने विचार रखे और गांव के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगों को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सभी मांगों पर विचार करेगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। वातावरण में उत्साह और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
प्रतिमा अनावरण समारोह ने गांव कड़ासन को एक नई पहचान दी है। यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था, बल्कि सामाजिक एकजुटता और प्रेरणा का भी प्रतीक बना। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
