बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल स्पेस: OTT प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियमों को केंद्र सरकार ने दोहराया

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केंद्र सरकार ने बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए OTT प्लेटफॉर्म्स पर आयु-अनुपयुक्त कंटेंट की पहुंच रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपायों को अनिवार्य बताया है। यह जानकारी राज्यसभा में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने सांसद डॉ. कनिमोझी एनवीएन सोमु के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

सरकार ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित है, लेकिन डिजिटल माध्यमों पर फर्जी, भ्रामक और हानिकारक कंटेंट के बढ़ते प्रसार को देखते हुए मजबूत नियमन आवश्यक हो गया है।

इसी उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अधिसूचित सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 लागू किए गए हैं। इन नियमों में OTT प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल समाचार प्रकाशकों के लिए विस्तृत आचार संहिता निर्धारित की गई है।

आईटी नियमों के भाग-III के तहत OTT प्रकाशकों को कानून द्वारा प्रतिबंधित कंटेंट होस्ट करने से बचना होगा। साथ ही कंटेंट को पांच आयु-आधारित श्रेणियों में वर्गीकृत करना और बच्चों को अनुपयुक्त सामग्री से दूर रखने के लिए प्रभावी अभिभावकीय नियंत्रण (Parental Controls) लागू करना अनिवार्य किया गया है।

डिजिटल समाचार और समसामयिक विषयों से जुड़े प्रकाशकों को केबल टेलीविजन नेटवर्क्स अधिनियम, 1995 के कार्यक्रम कोड और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की पत्रकारिता आचार संहिता का पालन करना होगा, जिनमें गलत, भ्रामक या अधूरी जानकारी के प्रकाशन पर रोक है।

नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र बनाया गया है—

  • स्तर-I: प्रकाशक स्तर पर
  • स्तर-II: प्रकाशकों की स्व-नियामक संस्था
  • स्तर-III: केंद्र सरकार की निगरानी व्यवस्था

सरकार का कहना है कि यह ढांचा प्रेस की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाए रखता है।

आईटी नियमों के भाग-II के तहत, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) लागू करता है, यूट्यूब और फेसबुक जैसे मध्यस्थों को स्पष्ट रूप से झूठी या भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा, नवंबर 2019 से सक्रिय प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट केंद्र सरकार से जुड़ी खबरों की सत्यता की जांच कर अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर सही जानकारी साझा करती है। वहीं, आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या संप्रभुता के हित में वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स या पोस्ट्स को ब्लॉक करने का अधिकार सरकार के पास है।

सरकार ने यह भी बताया कि डिजिटल क्रिएटर्स को सशक्त बनाने के लिए कई पहलें की जा रही हैं, जिनमें WAVES 2025, ‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’, WAVES बाजार और प्रसार भारती द्वारा संचालित WAVES OTT शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य क्षेत्रीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान करना और भारतीय कंटेंट के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना है

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