भारत और एडीबी के बीच 2.2 अरब डॉलर से अधिक के ऋण समझौते, स्किलिंग से मेट्रो और सौर ऊर्जा तक विकास को बढ़ावा

भारत और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने सोमवार को 2.2 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते कौशल विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, शहरी परिवहन और सतत आजीविका से जुड़े पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए किए गए हैं, जिनका लाभ देश के कई राज्यों को मिलेगा।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के मार्गदर्शन में इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। भारत सरकार की ओर से उप सचिव सौरभ सिंह ने और एडीबी इंडिया रेजिडेंट मिशन की अधिकारी एवं उप-देश निदेशक आरती मेहरा ने एडीबी की ओर से ऋण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
इस वित्तीय पैकेज में प्रधानमंत्री स्किलिंग और एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम के तहत उन्नत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कार्यक्रम के लिए 846 मिलियन डॉलर, किफायती और समावेशी रूफटॉप सोलर सिस्टम विकास कार्यक्रम (सब-प्रोग्राम 1) के लिए 650 मिलियन डॉलर, असम राज्य तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल सुदृढ़ीकरण परियोजना के लिए 398.8 मिलियन डॉलर, चेन्नई मेट्रो रेल निवेश परियोजना (ट्रॉन्च-2) के लिए 240 मिलियन डॉलर और मेघालय में एकीकृत इकोटूरिज्म एवं सतत कृषि आधारित आजीविका विकास परियोजना के लिए 77 मिलियन डॉलर शामिल हैं।
कौशल विकास कार्यक्रम का उद्देश्य 12 राज्यों में 650 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का आधुनिकीकरण करना और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्रों में उन्नत करना है। इस पहल से नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और उन्नत विनिर्माण जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में मांग आधारित पाठ्यक्रमों के माध्यम से लगभग 13 लाख युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।
रूफटॉप सोलर कार्यक्रम प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को समर्थन देगा। इसका लक्ष्य 2027 तक 1 करोड़ घरों तक स्वच्छ और किफायती ऊर्जा पहुंचाना है। परियोजना के तहत मानकीकृत दिशानिर्देश, क्षेत्रीय सुधार और निम्न व मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए बिना गारंटी, कम ब्याज वाले ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में असम राज्य तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल सुदृढ़ीकरण परियोजना के तहत गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और सिलचर के मेडिकल कॉलेजों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इन संस्थानों को श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में मौजूद अहम कमियों को दूर किया जा सकेगा।
चेन्नई मेट्रो रेल निवेश परियोजना के दूसरे चरण के तहत मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसमें नए एलिवेटेड और अंडरग्राउंड कॉरिडोर तथा 18 नए स्टेशनों का निर्माण शामिल है। परियोजना में जलवायु-सहनीय बुनियादी ढांचा और सार्वभौमिक पहुंच की सुविधाएं भी शामिल होंगी, ताकि अत्यधिक मौसम की स्थितियों में भी यात्रियों की सुरक्षा और सेवा की विश्वसनीयता बनी रहे।
मेघालय में इकोटूरिज्म और सतत कृषि आधारित आजीविका परियोजना का उद्देश्य प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना और जलवायु-स्मार्ट कृषि तथा वन संरक्षण के माध्यम से किसानों की आय में सुधार करना है। इस पहल से महिलाओं और आदिवासी समुदायों सहित 8,000 से अधिक स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक अवसर सृजित होने की संभावना है।
