विधानसभा में नीतीश कुमार का तेजस्वी यादव पर बड़ा आरोप, विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछे सवाल
बिहार विधानसभा में गुरुवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर इशारों में विधायकों की खरीद-फरोख्त का गंभीर आरोप लगाया। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव से सीधे सवाल किया कि छह विधायकों को अपनी ओर खींचने के लिए पैसा कहां से आया। नीतीश कुमार ने यह टिप्पणी हल्के-फुल्के अंदाज में की, लेकिन इसके सियासी मायने गहरे माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2015 में तेजस्वी यादव पहली बार उनकी सरकार में उपमुख्यमंत्री बने थे, तब उनका व्यवहार ठीक था और कोई शिकायत नहीं आती थी, लेकिन दूसरी बार मौका देने पर गड़बड़ियों की खबरें मिलने लगीं और वे इधर-उधर करने लगे। नीतीश कुमार ने राजद शासनकाल पर भी निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव द्वारा ‘सात निश्चय’ योजना का श्रेय लेने पर आपत्ति जताई और कहा कि यह योजना पहले ही तैयार की जा चुकी थी। सदन में बहस के दौरान तेजस्वी यादव लगातार टोका-टोकी कर रहे थे, जिस पर मुख्यमंत्री ने तीखे अंदाज में जवाब दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
