नए साल की पूर्व संध्या पर गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल से डिलीवरी सेवाएं प्रभावित
नए साल की पूर्व संध्या से ठीक पहले देशभर में गिग वर्कर्स की हड़ताल ने ई कॉमर्स और डिलीवरी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। प्रमुख डिलीवरी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े हजारों कर्मचारियों ने बुधवार को काम बंद करने का ऐलान किया है जिससे बड़े शहरों के साथ साथ कई छोटे शहरों में भी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यह हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के संयुक्त आह्वान पर की जा रही है जिसे देश के कई हिस्सों में काम करने वाले क्षेत्रीय संगठनों का समर्थन मिला है।
बेंगलुरु पुणे दिल्ली हैदराबाद और कोलकाता जैसे महानगरों में ग्राहकों को लंबे इंतजार ऑर्डर रद्द होने और सीमित डिलीवरी विकल्पों का सामना करना पड़ सकता है। कई टियर टू शहरों में भी इसका असर दिख सकता है क्योंकि वहां भी बड़ी संख्या में डिलीवरी पार्टनर्स ने ऐप से लॉग ऑफ रहने का फैसला किया है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन ग्राहकों को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि गिग वर्कर्स की गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान खींचने के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बीते कुछ समय से डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई लगातार घट रही है जबकि काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रति ऑर्डर भुगतान कम होने के साथ ही उन्हें लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है जिससे उनकी सेहत और सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ती है।
वर्कर्स ने यह भी कहा है कि उन्हें बीमा कवरेज नौकरी की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं जबकि प्लेटफॉर्म कंपनियां उन्हें अपने बिजनेस की रीढ़ बताती हैं। मनमाने जुर्माने और पारदर्शिता की कमी ने असंतोष को और गहरा कर दिया है।
जोमैटो स्विगी ब्लिंकिट जेप्टो अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स की इस हड़ताल का असर ऐसे समय पड़ रहा है जब 31 दिसंबर को फूड डिलीवरी क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन शॉपिंग की मांग सबसे ज्यादा रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में वर्कर्स काम से दूर रहते हैं तो रेस्टोरेंट किराना प्लेटफॉर्म और रिटेलर्स की कमाई पर सीधा असर पड़ सकता है और नए साल का जश्न भी फीका पड़ सकता है।
