फ्री मूवी के चक्कर में न फंसें ऐप से डेटा चोरी और कानूनी कार्रवाई का खतरा, CyberDost की चेतावनी

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अगर आप फ्री में मूवी, वेब सीरीज या लाइव टीवी देखने के लिए थर्ड-पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर सुरक्षा जागरूकता पहल CyberDost ने पायरेटेड स्ट्रीमिंग ऐप को लेकर यूजर्स को सतर्क किया है। CyberDost ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कहा है कि “फ्री मूवी” के लालच में अपनी प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा को खतरे में न डालें।

CyberDost के अनुसार,जैसे अनजान और अनऑथराइज्ड ऐप्स से पायरेटेड कंटेंट देखना न केवल साइबर जोखिम को बढ़ाता है, बल्कि यूजर्स को कानूनी मुश्किलों में भी डाल सकता है। ऐसे ऐप्स के जरिए मोबाइल फोन में मैलवेयर और स्पायवेयर इंस्टॉल होने का खतरा रहता है, जिससे व्यक्तिगत डेटा चोरी हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऐप पर उपलब्ध कंटेंट कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करता है। इस ऐप का उपयोग करने वाले यूजर्स की निजी जानकारी, जैसे बैंकिंग डिटेल्स और लॉगिन डेटा, साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है। इसके अलावा, पायरेटेड कंटेंट देखने या डाउनलोड करने पर यूजर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

गौरतलब है कि थर्ड-पार्टी स्ट्रीमिंग ऐप है, जो फिल्मों, वेब सीरीज, लाइव टीवी और स्पोर्ट्स कंटेंट को फ्री में स्ट्रीम और डाउनलोड करने की सुविधा देता है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, क्योंकि इसमें गैरकानूनी और पायरेटेड कंटेंट मौजूद होता है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऐप्स यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

CyberDost ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद और आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही कंटेंट देखें और किसी भी अनजान ऐप को इंस्टॉल करने से पहले सोच-समझकर फैसला लें। डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है।

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