शीर्षक: राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में शामिल हुए पीएम मोदी, सहकारी संघवाद पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में शामिल हुए जहां देश के शासन और प्रशासन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर व्यापक मंथन किया गया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के शीर्ष अधिकारी एक साथ बैठकर विकास की साझा रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
सम्मेलन के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली में चल रहे राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के दौरान शासन और सुधारों से जुड़े कई विषयों पर बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से ही देश को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री की सहकारी संघवाद की सोच पर आधारित यह सम्मेलन ऐसा मंच है जहां केंद्र और राज्य मिलकर भारत की मानव पूंजी को मजबूत बनाने की साझा रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य देश की आबादी को केवल जनसांख्यिकीय लाभ के तौर पर नहीं बल्कि मानव पूंजी के रूप में विकसित करना है ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक सक्षम और कुशल कार्यबल तैयार किया जा सके।
26 से 28 दिसंबर 2025 तक चल रहे इस सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष फोकस रखा गया है। इन गहन विचार विमर्शों के जरिए एक ऐसा विकास एजेंडा तैयार किया जा रहा है जो समावेशी विकास को गति दे और भारत को आने वाले वर्षों के लिए तैयार बनाए।
