पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, 24 हजार करोड़ के शिलांग-सिलचर कॉरिडोर से नॉर्थ-ईस्ट विकास को नई रफ्तार

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने असम के Silchar में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से बताया। शिलांग-सिलचर कॉरिडोर के भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति और उसकी सोच ने लंबे समय तक नॉर्थ-ईस्ट को विकास की मुख्यधारा से दूर रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कांग्रेस नेताओं की सोच खत्म हो जाती है, वहां से उनकी सरकारों का काम शुरू होता है, और यही कारण है कि दशकों तक इस क्षेत्र को अपेक्षित विकास नहीं मिल सका।

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कई दशकों तक देश में कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन उस दौरान नॉर्थ-ईस्ट को न तो दिल्ली से जुड़ने का मौका मिला और न ही दिल से जोड़ा गया। उनके अनुसार इस पूरे क्षेत्र को लगभग नजरअंदाज कर दिया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीति अलग है और अब नॉर्थ-ईस्ट को देश के विकास के केंद्र में रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज यह क्षेत्र भारत की एक्ट ईस्ट नीति का अहम हिस्सा बन चुका है और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सेतु बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने बराक घाटी के विकास को लेकर भी कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र व्यापार और संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, लेकिन आजादी के समय जो सीमाएं खींची गईं, उनसे बराक घाटी का समुद्री संपर्क खत्म हो गया। इससे इस इलाके की आर्थिक ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी लंबे समय तक सरकारें रहीं, लेकिन इस क्षेत्र की स्थिति सुधारने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने बताया कि लगभग 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिलांग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूर्वोत्तर के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इससे दशकों से चली आ रही कनेक्टिविटी की समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार इस कॉरिडोर के बनने से सिलचर के साथ-साथ मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा जैसे राज्यों के बीच आवागमन और व्यापारिक संपर्क भी मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देंगी।

प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की सोच यह है कि जो इलाके विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि पहले की सरकारें सीमावर्ती गांवों को देश का आखिरी गांव मानती थीं, जबकि उनकी सरकार उन्हें देश का पहला गांव मानती है। इसी सोच के तहत कछार जिले से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अगले चरण की शुरुआत की गई है, जिससे बराक घाटी के कई गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चला रही है और हाल ही में गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि असम के युवाओं के सामने अब अवसरों की नई संभावनाएं खुल रही हैं। उनके अनुसार पहले हिंसा और अस्थिरता के कारण युवाओं के सामने सीमित विकल्प थे, लेकिन अब विकास और शांति के माहौल में उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

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