मुंबई रोडशो के दूसरे दिन पंजाब सरकार का रोजगार पर जोर, निवेश को नौकरियों से जोड़ने की रणनीति
मुंबई में आयोजित इन्वेस्टमेंट रोडशो के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने निवेश प्रयासों को और तेज करते हुए साफ संदेश दिया कि राज्य में आने वाला हर निवेश युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करे। यह रोडशो वर्ष 2026 में होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी का अहम हिस्सा है, जिसमें सरकार का फोकस केवल पूंजी आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर उतरने वाले रोजगार से जोड़ना है।
दिन की शुरुआत बड़े उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों से हुई। इन बैठकों में पंजाब सरकार ने निवेश की एक स्पष्ट और व्यावहारिक श्रृंखला पेश की, जिसमें छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत करने से लेकर उन्हें बड़े उद्यमों में बदलने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने साफ किया कि एमएसएमई सेक्टर पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सही नीतिगत समर्थन मिलने पर यह बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार दे सकता है।
रोडशो के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से रखा गया। अधिकारियों ने पंजाब की भौगोलिक स्थिति, बेहतर होती कनेक्टिविटी, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और निवेशक-अनुकूल नीतियों का जिक्र करते हुए राज्य को वैश्विक निवेशकों के लिए एक मजबूत गंतव्य के रूप में पेश किया। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बताया गया।
वित्तीय संस्थानों के साथ हुई चर्चाओं में नीति स्थिरता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और पारदर्शी प्रशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई। पंजाब सरकार ने भरोसा दिलाया कि निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम, समयबद्ध मंजूरियां और प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद भी पूरा सहयोग मिलेगा, ताकि निवेश केवल कागजों तक सीमित न रहे।
मुंबई रोडशो के दूसरे दिन की गतिविधियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि पंजाब सरकार विकास और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़कर देख रही है। एमएसएमई से लेकर बड़े उद्योगों तक निवेश का ऐसा मॉडल पेश किया गया है, जिससे न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
