कर्तव्य पथ पर दिखा नए भारत का आत्मविश्वास, गणतंत्र दिवस परेड पर बोले पीएम मोदी
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षणों को साझा किया। उन्होंने कहा कि इस बार की परेड ने भारत की लोकतांत्रिक मजबूती, राष्ट्रीय गर्व और एकता को पूरी दुनिया के सामने प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह गणतंत्र दिवस नए भारत के आत्मविश्वास, ऊर्जा और संकल्प की स्पष्ट झलक लेकर आया।

इस वर्ष भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस नई सैन्य ताकत और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ मनाया। परेड में भारतीय सेना द्वारा ‘बैटल एरे’ फॉर्मेट में आधुनिक युद्ध तैयारियों को दर्शाया गया, जिसमें युद्ध के समय अपनाई जाने वाली रणनीतियों और ऑपरेशनल क्षमताओं की वास्तविक झलक देखने को मिली। यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण था कि भारत तकनीकी रूप से सशक्त होने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और सक्षम है।
कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न राज्यों की झांकियों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। इन झांकियों के माध्यम से भारत की विविध संस्कृति, परंपराएं और लोककलाएं जीवंत रूप में सामने आईं। नृत्य, संगीत और रंग-बिरंगे परिधानों ने यह संदेश दिया कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत ने गणतंत्र दिवस को बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर हुई परेड ने देश की लोकतांत्रिक ताकत, समृद्ध विरासत और राष्ट्रीय एकता को बेहद सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया। उन्होंने एक अन्य संदेश में कहा कि कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय गौरव का दृश्य हर भारतीय को गर्व से भर देने वाला था।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति भारत के लिए सम्मान की बात है। उनकी मौजूदगी भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत होती साझेदारी और साझा मूल्यों को दर्शाती है। यह दौरा दोनों पक्षों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और गहराई देने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस का यह आयोजन भारत की तैयारियों, तकनीकी क्षमता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएं वास्तव में देश का गौरव हैं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक पहचान को बेहद जीवंत ढंग से दुनिया के सामने रखा।
