मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहटा में प्रौद्योगिकी केंद्र और 4 एक्सटेंशन सेंटर का किया उद्घाटन

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बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा नवनिर्मित प्रौद्योगिकी केंद्र, बिहटा (पटना) तथा चार एक्सटेंशन सेंटर—मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर—का उद्घाटन किया। इस पहल को राज्य के उद्योग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

बिहटा में स्थापित यह प्रौद्योगिकी केंद्र आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है, जहां युवाओं, उद्यमियों और छोटे उद्योगों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही चार अलग-अलग जिलों में शुरू किए गए एक्सटेंशन सेंटर स्थानीय स्तर पर उद्योगों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बिहार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मजबूत किए बिना राज्य के समग्र आर्थिक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम है और सरकार इस क्षेत्र को नई गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। नई तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा और उद्योगों से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी मिलेगी, जिससे वे नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बन सकेंगे। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

बिहटा का प्रौद्योगिकी केंद्र विशेष रूप से मशीनरी, उत्पादन तकनीक, डिज़ाइन, गुणवत्ता सुधार और आधुनिक औद्योगिक प्रक्रियाओं से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्टार्टअप और नए उद्यमियों को भी यहां से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में स्थापित एक्सटेंशन सेंटर क्षेत्रीय उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए स्थानीय उद्यमियों को प्रशिक्षण, मशीनरी सहायता, कौशल विकास और व्यापार विस्तार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे जिला स्तर पर उद्योगों को मजबूती मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के तकनीकी केंद्र बिहार में औद्योगिक विकास की नई नींव तैयार कर सकते हैं। लंबे समय से राज्य में रोजगार और उद्योग विस्तार को लेकर जो चुनौतियां रही हैं, उन्हें दूर करने में ये संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। खासकर युवाओं के लिए यह पहल काफी लाभकारी साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों और उद्योग जगत ने इस उद्घाटन का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि इन केंद्रों का प्रभावी संचालन किया गया, तो बिहार में निवेश बढ़ेगा और बाहर रोजगार की तलाश में जाने वाले युवाओं की संख्या भी कम हो सकती है।

यह उद्घाटन केवल एक भवन की शुरुआत नहीं, बल्कि बिहार के औद्योगिक भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में ये प्रौद्योगिकी केंद्र राज्य को आत्मनिर्भर, औद्योगिक रूप से सशक्त और रोजगार के नए अवसरों से भरपूर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

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