बोधगया दौरे पर सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: विष्णुपद कॉरिडोर से बदलेगा गया का भविष्य

बिहार की राजनीति और विकास एजेंडे के लिहाज से बोधगया का हालिया दौरा काफी अहम साबित हुआ, जहां Samrat Choudhary ने विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर चलने का एक बड़ा विजन सामने रखा। इस दौरे में धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास योजनाओं का संतुलन साफ नजर आया, जिससे यह संकेत मिला कि सरकार राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीर है।
अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने Mahabodhi Temple में पूजा-अर्चना के साथ की। यह मंदिर बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है और यहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूजा के बाद उन्होंने Adi Shankaracharya Math में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उन्होंने अपने संबोधन में बिहार के धार्मिक स्थलों के विकास को नई ऊंचाई देने की बात कही।
इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण गया में विष्णुपद कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा रही। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 3000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार हो चुका है। यह कॉरिडोर Vishnupad Temple को केंद्र में रखते हुए विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से गया और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इस पहल को राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही दिशा में विकसित किया जाए तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकते हैं।
इस दौरे के जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना अब विकास की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है। बोधगया और गया जैसे स्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह दौरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से बिहार के विकास और पर्यटन को नई दिशा देने का एक व्यापक खाका भी सामने आया है। आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाएं राज्य की छवि और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
