भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल,
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। लंबे समय से इस समझौते का इंतजार कर रहे निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिसके चलते बाजार में मजबूत खरीदारी का माहौल बना रहा।
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2,072.67 अंक यानी 2.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,739.13 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 639.15 अंक यानी 2.55 प्रतिशत उछलकर 25,727.55 पर सेटल हुआ। यह तेजी दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,500 से 25,600 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन बना हुआ है, जबकि 25,900 से 26,000 का स्तर महत्वपूर्ण साइकोलॉजिकल और सप्लाई रेजिस्टेंस क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है।
शेयर बाजार में यह उछाल उस समय देखने को मिला जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर लगने वाला टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इस फैसले से निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि बेहतर व्यापारिक संबंधों से भारतीय कंपनियों और देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा।
सेंसेक्स में तेजी की अगुवाई कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने की। अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और पावरग्रिड के शेयरों में दिनभर अच्छी बढ़त दर्ज की गई। हालांकि टेक महिंद्रा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयर ही ऐसे रहे जो गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार में तेजी लगभग सभी सेक्टरों में दिखाई दी। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली और इनसे जुड़े इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों का उत्साह दिखाई दिया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.84 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2.82 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेड डील से जुड़े सकारात्मक घटनाक्रम और बेहतर आर्थिक संभावनाओं की उम्मीदों ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। इस बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा के बाद भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ और 1.28 रुपये यानी करीब 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिसंबर 2018 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी दर्ज की।
