वेनेजुएला संकट पर संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक अमरीकी हमले से बढ़ा वैश्विक तनाव

वेनेजुएला में अमरीका की सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव तेज हो गया है और इसी को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक परिषद के अस्थायी सदस्य कोलंबिया के अनुरोध पर बुलाई गई है जिसे चीन और रूस जैसे स्थायी सदस्यों का समर्थन मिला है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने वेनेजुएला में अमरीकी कार्रवाई को बेहद खतरनाक मिसाल बताया है और कहा है कि इसके गंभीर क्षेत्रीय परिणाम हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के पूर्ण सम्मान की जरूरत पर जोर दिया है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
अमरीका की ओर से दावा किया गया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क में नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद और कोकीन तस्करी के आरोपों में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि कराकस में सैन्य अभियान उनके निर्देश पर चलाया गया था और इसका उद्देश्य मादुरो को गिरफ्तार करना था। ट्रम्प ने यह भी कहा कि जब तक वेनेजुएला में सत्ता सुरक्षित और न्यायसंगत हाथों में नहीं आती तब तक अमरीका अस्थायी रूप से वहां का प्रशासन संभालेगा।
इस कार्रवाई के बाद रूस, चीन, ईरान, ब्राजील और क्यूबा सहित कई देशों ने अमरीका की कड़ी निंदा की है और इसे वेनेजुएला की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। रूस और चीन ने इसे सैन्य आक्रामकता करार देते हुए बातचीत और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। वहीं यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने पर जोर दिया है।
भारत ने भी हालात को देखते हुए अपने नागरिकों को वेनेजुएला की गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। वेनेजुएला सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करते हुए राष्ट्रपति मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है। बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच यह संकट अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।
