कंटेंट क्रिएटर्स को दी नई उड़ान, AVGC लैब्स से लेकर डिजिटल कल्चर तक बड़े ऐलान
केंद्रीय बजट 2026 कंटेंट क्रिएशन से जुड़े लोगों के लिए अब तक का सबसे उत्साहजनक बजट साबित हुआ है। इस बजट में पहली बार कंटेंट क्रिएटर्स को केवल एक वैकल्पिक करियर नहीं, बल्कि मुख्यधारा के पेशे के रूप में मजबूत आधार देने की कोशिश साफ नजर आती है। सरकार ने शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और डिजिटल मीडिया को जोड़ते हुए ऐसे कई ऐलान किए हैं, जिनसे आने वाले वर्षों में कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री को बड़ा विस्तार मिल सकता है।
बजट 2026 का सबसे बड़ा ऐलान देशभर के 15,000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेजों में AVGC यानी एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स कंटेंट क्रिएटर्स लैब्स की स्थापना का है। इसे डिजिटल स्टोरीटेलिंग, विजुअल डिजाइन और आधुनिक कंटेंट स्किल्स को बढ़ावा देने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा औपचारिक कदम माना जा रहा है। इन लैब्स के जरिए छात्र स्कूल और कॉलेज के स्तर पर ही वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक्स, थंबनेल डिजाइन और डिजिटल प्रेजेंटेशन जैसी व्यावहारिक स्किल्स सीख सकेंगे, जिससे उन्हें आगे चलकर कंटेंट इंडस्ट्री में सीधे प्रवेश का मौका मिलेगा।
बजट में ट्रैवल, संस्कृति, इतिहास और शिक्षा से जुड़े क्रिएटर्स के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्कीम भी लॉन्च की गई है। इस योजना का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और लोककथाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संरक्षित और प्रस्तुत करना है। इससे रील्स, शॉर्ट-फॉर्म वीडियो, डॉक्यूमेंट्री और विजुअल स्टोरीटेलिंग की मांग में तेजी आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही पूर्वी भारत में एक नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे डिजाइन, यूआई/यूएक्स, ब्रांडिंग और डिजिटल स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की नई खेप तैयार होगी। यह कदम न सिर्फ डिजाइन इंडस्ट्री को बल्कि डिजिटल ब्रांड्स और कंटेंट क्रिएटर्स को भी मजबूती देगा।
पर्यटन क्षेत्र में कंटेंट और स्टोरीटेलिंग को बढ़ावा देने के लिए आईआईएम के सहयोग से 10,000 पर्यटक गाइडों के स्किल डेवलपमेंट का कार्यक्रम तैयार किया गया है। इससे गाइड्स और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच सहयोग बढ़ेगा और ट्रैवल कंटेंट को अधिक प्रामाणिक और आकर्षक बनाया जा सकेगा। साथ ही लोथल, धोलावीरा, सारनाथ और लेह पैलेस समेत 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों पर गहन कहानी कहने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे रिसर्च आधारित और विजुअल-फर्स्ट कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को नए अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा बजट में सूचना और प्रचार के लिए 1,476.83 करोड़ रुपये और ब्रॉडकास्टिंग के लिए 2,750.19 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। आम तौर पर इस बजट का एक हिस्सा कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री तक पहुंचता है, जिससे डिजिटल मीडिया, वीडियो प्रोडक्शन और क्रिएटिव सेक्टर को सीधा लाभ मिलता है। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 कंटेंट क्रिएटर्स के लिए न केवल नए अवसर लेकर आया है, बल्कि उन्हें भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी माना जा रहा है।
