उत्तराखंड में देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को मिलेगी कानूनी मंजूरी, मार्च में लागू होने की संभावना
उत्तराखंड में देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को औपचारिक रूप से लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट की बैठक में पहले ही इस योजना को मंजूरी दी जा चुकी है और अब इसे कानूनी आधार देने के लिए अलग से एक्ट तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नियोजन विभाग की ओर से देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को लागू किया जाएगा, जिसके लिए शासन स्तर पर कानून का मसौदा तैयार किया जा रहा है। यह एक्ट आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा और इसके बाद मार्च में होने वाले बजट सत्र के दौरान विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
पिछले वर्ष नवंबर में हुई कैबिनेट बैठक में हरियाणा की तर्ज पर परिवार पहचान पत्र योजना लागू करने का फैसला लिया गया था। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियोजन विभाग ने अलग प्रकोष्ठ का गठन किया है और इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार कर लिया गया है।
प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को कानूनी रूप से लागू करने के लिए एक्ट बनाना जरूरी है। इसके लिए प्रस्ताव फरवरी में कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद मार्च में गैरसैंण में आयोजित होने वाले बजट सत्र के दौरान इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। सदन से पारित होने के बाद यह एक्ट लागू हो जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो मार्च महीने में ही पूरे प्रदेश में देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना लागू कर दी जाएगी। इस योजना के लागू होने से योजनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता आएगी और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सुविधाएं आसानी से पहुंच सकेंगी।
