किसानों की समृद्धि और पारदर्शी शासन पर जोर, उत्तराखंड तेजी से विकास की राह पर

Untitled-4
Share this post

उत्तराखंड में किसानों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है। इसी दिशा में सरकार लगातार फ्रंट फुट पर फैसले लेते हुए किसानों की आय बढ़ाने, उनकी लागत घटाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। राज्य नेतृत्व का कहना है कि विकास आधारित राजनीति ही प्रदेश को आगे ले जा सकती है, जबकि विपक्ष अब भी तुष्टिकरण की सोच से बाहर नहीं निकल पाया है।

राज्य के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य जनकल्याण, सुशासन और भविष्य निर्माण है। उन्होंने विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर समाज को बांटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य की जनता विकास और पारदर्शिता चाहती है।

युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए नकल विरोधी कानून को एक बड़ा कदम बताया गया है। सरकार का दावा है कि इस कानून से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हुई है, जिससे अब नौकरी केवल योग्यता और प्रतिभा के आधार पर मिल रही है, न कि किसी सिफारिश या पहचान के आधार पर।

इसी क्रम में हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (श्यामपुर कांगड़ी) में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां ग्राम प्रधानों और स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं। इस पहल के जरिए बीते डेढ़ महीने में पूरे उत्तराखंड में पांच लाख से अधिक लोगों को लाभ पहुंचने का दावा किया गया, जिसे सरकार ने जनविश्वास का प्रमाण बताया है।

सरकार ने खनन क्षेत्र में लागू किए गए व्यापक और पारदर्शी सुधारों को भी बड़ी उपलब्धि बताया है। इन सुधारों के चलते भारत सरकार ने राज्य को प्रोत्साहन के रूप में 200 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। इसे राज्य की नीतियों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर केंद्र के विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।

निवेश को लेकर भी राज्य सरकार ने अनुकूल वातावरण तैयार करने का दावा किया है। नीतियों को सरल और व्यावहारिक बनाकर निवेश प्रक्रियाओं को आसान किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में नए निवेश प्रस्ताव तेजी से साकार हो रहे हैं। सरकार का कहना है कि यही कदम उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *