मुख्यमंत्री सेहत योजना से हर परिवार को 10 लाख तक मुफ्त इलाज का भरोसा

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पंजाब को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए सरकार ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का कहना है कि जहां एक ओर वह किसी भी नशा तस्कर को संरक्षण नहीं देती, वहीं पिछली सरकारों पर आरोप है कि उन्होंने तस्करों से सांठगांठ कर राज्य को नशे की आग में झोंक दिया। अब जनता के सहयोग से इस बुराई को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया गया है।

सरकार का दावा है कि साफ नीयत और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ बदलाव संभव है। इसी सोच के तहत किसानों को दिन में बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो पहले भी दी जा सकती थीं लेकिन नीयत की कमी के कारण नहीं दी गईं। साथ ही नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध 2.0’ अभियान के अंतर्गत आने वाले समय में स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस बुरी लत से बचाया जा सके।

सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बड़ा दावा किया है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों को इलाज के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा। इसे आम लोगों के जीवन में राहत देने वाला कदम बताया जा रहा है।

इस अभियान को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के विधायक, मंत्री, विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य और बड़ी संख्या में नागरिकों ने नशा मुक्त पंजाब बनाने की शपथ ली। सरकार का कहना है कि नशे से मुक्ति केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक आंदोलन है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

मोगा के गांव किल्ली चहलां में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प दिलाया गया। वहीं अमृतसर के गांव ओठियां में भारी मात्रा में नशे की खेप पकड़वाने वाले विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों और पुलिस कर्मचारियों को सम्मानित कर इनामी राशि के चेक भी सौंपे गए। सरकार ने इसे जनसहभागिता का मजबूत उदाहरण बताया।

राज्य नेतृत्व का कहना है कि पिछली सरकारों ने पंजाब की सामाजिक संरचना को कमजोर किया और नशे ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया, लेकिन अब सामूहिक प्रयासों से इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। लक्ष्य है कि जनता की भागीदारी से उठी यह जनलहर नशे की जड़ों को पूरी तरह खत्म कर दे और पंजाब को फिर से खुशहाल और समृद्ध बनाया जा सके।

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