शीर्षक: उत्तराखंड में प्रवेश द्वारों पर ग्रीन सेस लागू, एएनपीआर कैमरों से होगी ऑटोमैटिक वसूली
उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के 11 प्रमुख प्रवेश द्वारों पर ग्रीन सेस की वसूली शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से यह शुल्क बिना किसी मैनुअल रोक-टोक के स्वचालित प्रणाली के जरिए वसूला जाएगा।
सरकार ने इसके लिए एएनपीआर यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाए हैं। जैसे ही कोई वाहन प्रवेश बिंदु से गुजरता है, कैमरा उसकी नंबर प्लेट को स्कैन कर लेता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर वाहन की श्रेणी जैसे कार, बस, ट्रक या अन्य व्यावसायिक वाहन की पहचान कर स्वतः ग्रीन सेस की गणना कर लेता है। इस पूरी प्रक्रिया में चालक को रुकने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व संग्रहण में भी सुधार होगा। साथ ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से बाहरी वाहनों से लिया जाने वाला ग्रीन सेस राज्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण कार्यों में उपयोग किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार यह प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है और इसमें वाहन डेटा का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा। इससे भविष्य में यातायात प्रबंधन और नीति निर्माण में भी मदद मिलेगी।
स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार ने डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए ग्रीन सेस की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने की कोशिश की है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और राजस्व दोनों उद्देश्यों को एक साथ साधा जा सके।
