ऊर्जा सचिव की समीक्षा बैठक में गर्मी से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर, चोरी और शिकायतों पर सख्त रुख

बिहार में विद्युत व्यवस्था को मजबूत और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के उद्देश्य से 24 जनवरी 2026 को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने की। इस बैठक में बीएसपीएचसीएल समेत उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के कामकाज, संचालन व्यवस्था और चल रही योजनाओं व परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समय पर निष्पादन और विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट किया कि आने वाले गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को किसी भी हाल में बिजली संकट का सामना नहीं करना चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने 31 मार्च 2026 तक सभी डीटीआर, फीडर और अन्य विद्युत संरचनाओं के मेंटेनेंस व मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा सचिव ने बिजली चोरी को गंभीर समस्या बताते हुए इस पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह बढ़ाने और तकनीकी नुकसान कम करने के लिए स्मार्ट मीटर से मिलने वाले आंकड़ों का गहन विश्लेषण कर ठोस रणनीति बनाई जाए। बैठक में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड और बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया। ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया कि बिजली बिल पर संबंधित फ्यूज कॉल सेंटर का संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। साथ ही एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर उसकी स्थिति रियल टाइम में देख सकें।
इसके अलावा ग्रिड और शक्ति उपकेंद्रों के अनुरक्षण को मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सुनिश्चित करने, नियमित मॉनिटरिंग, उपकरणों की जांच और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी गियर के उपयोग पर भी बल दिया गया। बैठक में विद्युत क्षेत्र में बदलती तकनीक के अनुरूप कुशल मानवबल तैयार करने के लिए नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया।
