अपराधियों को बिहार में अब नहीं मिलेगी जगह: गृह मंत्री सम्राट चौधरी की कड़ी चेतावनी, योगी मॉडल जैसी सख्ती के संकेत

बिहार के नए गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अपराधियों की अब खैर नहीं, बिहार में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्हें या तो सुधरना होगा या राज्य छोड़ना होगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है और अपराधियों के खिलाफ हर स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि अपराधियों को किसी भी तरह की ढिलाई नहीं दी जाएगी और पुलिस को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपराध के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की अपील की।
नीतीश कुमार ने खत्म किया जंगलराज: सम्राट का दावा
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में पिछले वर्षों में सुशासन स्थापित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अतीत में राज्य में जो अराजकता और जंगलराज की स्थिति थी, उसे नीतीश सरकार ने समाप्त किया और प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाया।
उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को और अधिक सुरक्षित और अपराध-मुक्त बनाना सरकार का लक्ष्य है।
गृह विभाग संभालने से पहले ही तय कर ली थी रणनीति
सम्राट चौधरी इससे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अपराधियों के लिए राज्य में सिर्फ दो जगह बचेंगी—“जेल या कब्र”। उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा रही है। गृह विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि उनकी सख्त नीति और ज्यादा प्रभावी रूप से लागू होगी।
क्या बिहार में लागू होगा योगी मॉडल?
मीडिया के सवाल पर जब उनसे पूछा गया कि क्या बिहार में उत्तर प्रदेश जैसा ‘योगी मॉडल’ लागू होगा, तो उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
योगी मॉडल में फास्ट-ट्रैक कोर्ट, दंगाइयों की पहचान सार्वजनिक करना, अपराधियों की संपत्ति पर कार्रवाई, पुलिस को खुली छूट जैसे कई सख्त प्रावधान शामिल हैं।
सम्राट चौधरी की भाषा और कार्यशैली को देखते हुए कहा जा रहा है कि बिहार में भी इसी तरह की कार्यवाही देखने को मिल सकती है।
कानून-व्यवस्था सुधारने की नई दिशा गृह मंत्रालय के सूत्रों का मानना है कि आने वाले समय में—
पुलिस को अधिक अधिकार दिए जा सकते हैं
गंभीर अपराधों के मामलों में विशेष जांच टीमें बन सकती हैं केसों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है
अपराधियों पर आर्थिक कार्रवाई भी संभव है
सरकार इससे एक स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि बिहार में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सम्राट चौधरी के तीखे बयान और उनके सख्त तेवर साफ बता रहे हैं कि बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
उनकी चेतावनी यह संकेत देती है कि आने वाले समय में अपराधियों पर कार्रवाई और भी तेज होगी तथा बिहार को सुरक्षित, संगठित और ‘सुशासन’ वाले राज्य के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी पूरी तरह से शुरू हो चुकी है।
