कोलकाता में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़ा अभियान, दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड साइबर फ्रॉड और अपराधों पर करेगा जागरूक

कोलकाता में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शहर पुलिस ने एक विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान पूरे एक महीने तक चलेगा और इसके तहत शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, ऑनलाइन ठगी और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इस पहल का मकसद लोगों को समय रहते सतर्क करना और अपराधों को रोकने में जनभागीदारी बढ़ाना है।
इस अभियान के लिए शहर के 60 पुलिस थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले 120 स्थानों का चयन किया गया है। इन स्थानों पर पुलिस टीमें नियमित रूप से पहुंचकर आम नागरिकों से संवाद करेंगी। अभियान की शुरुआत ऐसे समय में की गई है जब महिलाओं की सुरक्षा और साइबर अपराधों को रोकने के लिए लगातार नई रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। पुलिस का मानना है कि केवल कानून लागू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक बनाना भी उतना ही जरूरी है ताकि वे किसी भी अपराध या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने से पहले सतर्क रह सकें।
महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गठित दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड को इस अभियान में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले यह स्क्वॉड मुख्य रूप से स्कूटर और मोटरसाइकिल के माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों में गश्त कर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता था, लेकिन अब इसे जनजागरूकता अभियान का भी अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके लिए स्थानीय थाना पुलिस, साइबर पुलिस, महिला पुलिस स्टेशन और महिला प्रकोष्ठ के अधिकारियों को शामिल करते हुए संयुक्त गश्ती दल तैयार किए गए हैं।
अभियान के दौरान पुलिस टीमें प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताएंगी। वे घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से सीधे बातचीत करेंगी, उनकी समस्याएं सुनेंगी और आवश्यक सलाह देंगी। लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना पत्र भी वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जाएंगे और छोटे-छोटे जागरूकता वीडियो भी दिखाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंच सके।
इस पूरे अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड को अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं। स्क्वॉड के लिए विशेष स्कूटर और एक समर्पित वाहन की व्यवस्था की गई है। वहीं स्थानीय पुलिस थाने, साइबर पुलिस इकाइयां और महिला सुरक्षा से जुड़े विभाग भी इस अभियान में सहयोग करेंगे। वरिष्ठ अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करेंगे ताकि प्रत्येक निर्धारित स्थान पर जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
राज्य सरकार पहले ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कह चुकी है। इसी दिशा में दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड को सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ और अन्य अपराधों पर तत्काल कार्रवाई की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके साथ ही पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों के पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
महिला पुलिसकर्मी शहर के विभिन्न इलाकों में मोटरसाइकिल से नियमित गश्त जारी रखेंगी। इसके अलावा आसपास के कई क्षेत्रों में भी इसी तरह की गश्त और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। आधुनिक तकनीक की मदद से रियल टाइम ऑडियो और वीडियो मॉनिटरिंग की सुविधा भी विकसित की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर घटनाओं की तुरंत निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
