गरियाबंद को 603 करोड़ की विकास सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 76 परियोजनाओं का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले को विकास की दिशा में एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले में 603 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 76 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास कर क्षेत्र के विकास को नई गति देने का संदेश दिया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाना है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासी समुदायों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू की जा रही हैं। राज्य सरकार सुशासन और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर काम करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने वाली योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि लाखों परिवारों को बिजली बिलों में राहत प्रदान की जा रही है। साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने की पहल भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे लोगों के बिजली खर्च में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सहकारी समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं ताकि किसानों को खाद, बीज, ऋण और अन्य आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर आसानी से मिल सकें। उन्होंने आधुनिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उनके अनुसार यह तकनीक खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए हेल्पलाइन सेवाओं को मजबूत किया गया है, जिससे आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी।
उन्होंने गरियाबंद जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का भी उल्लेख किया। राजिम, राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वर महादेव मंदिर जैसे धार्मिक स्थल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। सरकार इन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने पेयजल, आवास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिलाओं को आर्थिक सहायता, किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य, आदिवासी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता जैसी पहलें विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है, वे आने वाले वर्षों में गरियाबंद जिले की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन विकास कार्यों से न केवल बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना है।
