मध्यप्रदेश में बच्चों और बालिकाओं के लिए बड़े बदलाव की तैयारी, अगले तीन वर्षों की कार्ययोजना घोषित

मध्यप्रदेश सरकार ने आगामी तीन वर्षों के लिए बाल विकास और पोषण व्यवस्था से जुड़े व्यापक सुधारों की कार्ययोजना जारी की है। राज्य में शहरी आंगनवाड़ियों, प्रारंभिक शिक्षा, बालिका प्रोत्साहन योजनाओं और आंगनवाड़ी संरचना को नई दिशा देने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं।
सरकार ने घोषणा की कि वर्ष 2026 से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन सप्लाई के लिए सेंट्रल किचन प्रणाली लागू की जाएगी। यह व्यवस्था बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित होगी। केंद्रीकृत रसोई मॉडल से भोजन की स्वच्छता, मानक और समय पर वितरण सुनिश्चित होगा।
राज्य की नई कार्ययोजना में विजन 2047 के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा को मजबूत आधार देने पर बड़ा निवेश किया जाएगा। निपुण भारत मिशन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बच्चों की सीखने की प्रगति को ट्रैक करने हेतु ‘निपुण भारत आधारित विकास कार्ड’ लागू किए जाएंगे। इससे प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों की सीखने की गति पर नियमित निगरानी रखी जा सकेगी।
बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने 34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की योजना बनाई है। प्रदेश की प्रमुख ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक परिवारों की बालिकाएं इसका लाभ प्राप्त कर सकेंगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अगले तीन वर्षों में 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण किया जाएगा। यह मेगा प्लान उन क्षेत्रों में विशेष रूप से फायदेमंद होगा, जहां वर्तमान में आंगनवाड़ी भवन पुराने, किराए के या अपर्याप्त हैं। नए भवनों से सेवाएं अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक रूप में उपलब्ध होंगी।
सरकार का दावा है कि यह कार्ययोजना बच्चों के पोषण, शिक्षा और बालिका कल्याण में एक बड़े परिवर्तन की नींव रखेगी और भविष्य की पीढ़ी को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
