विधानसभा के अध्यक्ष बनेंगे डॉ. प्रेम कुमार, निर्विरोध निर्वाचन तय

प्रेम कुमार 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष बनेंगे। उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा तय मानी जा रही है, क्योंकि पद के लिए किसी अन्य नेता ने नामांकन नहीं किया है। सोमवार को हुए नामांकन में बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—सहित जदयू के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोजपाआर के नेता संजय कुमार और रालोमो के माधव आनंद प्रस्तावक बने। सभी दलों के समर्थन से यह स्पष्ट हो गया कि अध्यक्ष पद को लेकर किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान समाप्त हो गई है।
प्रेम कुमार 1990 से लगातार गया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2025 में उन्होंने अपनी नौवीं जीत दर्ज कर एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ और जनसमर्थन का प्रमाण दिया है। लंबे समय से भाजपा के वरिष्ठ और विश्वसनीय नेताओं में गिने जाने वाले डॉ. प्रेम कुमार ने राज्य सरकार में कृषि, नगर विकास एवं आवास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, वन एवं पर्यावरण तथा सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी प्रशासनिक दक्षता और शांत स्वभाव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें सदन की शीर्ष कुर्सी के लिए चुना है।
डॉ. प्रेम कुमार की शिक्षा गया में हुई है। उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से एमए और एलएलबी की उपाधि प्राप्त की, जिसके बाद इतिहास विषय में पीएचडी की डिग्री हासिल की। शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ जनसेवा का लंबा अनुभव उन्हें विधानसभा का संचालन करने के लिए उपयुक्त बनाता है।
उनके निर्विरोध अध्यक्ष बनने से भाजपा ने एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना अधिकार मजबूत किया है। इससे पहले यह पद भाजपा के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव के पास था। डॉ. प्रेम कुमार के चयन को अनुभव, स्थिर नेतृत्व और राजनीतिक संतुलन का प्रतीक माना जा रहा है।
