विपक्ष के हंगामे के बीच बिहार विधानसभा में 6 विधेयक पारित

JTN-banner-post-final-100

बिहार विधानसभा ने आज जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय विधेयक 2025, बिहार कृषि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025, बिहार प्लेटफार्म आधारित गिग कामगार (निबंधन, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) विधेयक 2025 सहित छह विधेयकों को पारित कर दिया।

सभी विधेयकों को बिना किसी चर्चा के मंजूरी मिल गयी। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्य, सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर बाहर चले गये थे।

श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम पर बनने वाला विश्वविद्यालय राज्य में कौशल विकास और प्रबंधन संस्थानों का मानकीकरण करेगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में बाजार की आवश्यकताएं हैं और उसके अनुरुप प्रतिभाओं को विकसित करने का काम करेगा।

इसके अलावा, सदन ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025 को स्वीकृति प्रदान कर दी। उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि संस्थानों में भर्तियों के लिए पारदर्शी, विवादमुक्त और विश्वसनीय व्यवस्था उपलब्ध कराएगा।

वहीं, राज्य में पहली बार विभिन्न प्लेटफार्म और एग्रीगेटर के लिए कार्यरत गिग वर्कर यानी अंशकालिक कामगारों के लिए भी कानून बनाने का रास्ता साफ हो गया है। श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने बिहार प्लेटफार्म आधारित गिग कामगार (निबंधन, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) विधेयक 2025 पेश किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंशकालिक कामागारों के लिए एक बोर्ड बनाकर निबंधन काराय जाएगा। इस विधेयक के कानून बनने से अंशकालिक कामगारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।

इधर, सदन ने बिहार दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) विधेयक 2025 को अनुमति प्रदान की। इससे यह कानून पूरे राज्य में लागू हो सकेगा। अब नये कानून में शून्य से लेकर नौ तक के कामगारों के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। कानून बनने पर नियोक्ताओं को बैंक अकाउंट के माध्यम से कामगारों को भुगतान करना होगा।

सदन ने कारखाना (बिहार संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया। इसके तहत नियोक्ता कामगारों की सहमति से काम करने की अवधि बढा सकते हैं, लेकिन उन्हें ओवरटाइम का पैसा देना होगा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed