इंदौर की पैरा एथलीट पूजा गर्ग को राष्ट्र स्तर पर सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदान किया ‘श्रेष्ठ दिव्यांगजन’ पुरस्कार

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इंदौर की बेटी और पैरा एथलीट पूजा गर्ग को वर्ष 2025 के लिए ‘श्रेष्ठ दिव्यांगजन’ पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान पूजा गर्ग की अदम्य इच्छाशक्ति, साहस और देश के लिए किए गए असाधारण कार्यों की आधिकारिक मान्यता माना जा रहा है।
पूजा गर्ग उस समय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आईं, जब वे नाथुला पास पर तिरंगा फहराने वाली विश्व की पहली महिला बनीं। 14,000 फीट की ऊँचाई पर पहुंचकर तिरंगा फहराने का यह कारनामा न केवल चुनौतीपूर्ण था बल्कि दिव्यांगजन समुदाय के लिए प्रेरणा का एक अनोखा उदाहरण भी है। उनकी इस अतुलनीय उपलब्धि ने पूरे देश, विशेषकर मध्यप्रदेश के लोगों को गर्व से भर दिया।
प्रदेश की ओर से पूजा गर्ग को सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई संदेश प्रेषित किए गए। संदेश में कहा गया कि पूजा गर्ग ने अपने संघर्ष, समर्पण और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनके साहस ने लाखों युवाओं और दिव्यांगजनों को नई ऊर्जा और प्रेरणा दी है।
पूजा गर्ग ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका जज़्बा कभी कमजोर नहीं पड़ा। नाथुला पास जैसी कठोर और संवेदनशील जगह पर तिरंगा फहराने का निर्णय उनकी मानसिक शक्ति और देशभक्ति का मजबूत परिचय देता है।
सम्मान समारोह में राष्ट्रपति ने पूजा गर्ग के कार्यों को न केवल खेल जगत बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। साथ ही यह भी कहा कि ऐसे साहसी और दृढ़निश्चयी युवा देश के भविष्य को नई दिशा देते हैं।
पूजा गर्ग के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए संदेश में यह भी कहा गया कि उनकी उपलब्धि से हर नागरिक को गर्व है और यह सम्मान उनके साथ-साथ पूरे मध्यप्रदेश के सम्मान में वृद्धि है।
