इलेक्ट्रिक परिवहन बन रहा है रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम: जितेन्द्र सिंह

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि देश में इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था तेजी से रोजगार और आजीविका के एक सशक्त इंजन के रूप में उभर रही है। उन्होंने यह बात आज नई दिल्ली में आयोजित इलेक्ट्रिक व्हीकल एक्सपो के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह युवाओं के लिए नए अवसर भी सृजित कर रही है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा समर्थित मजबूत इकोसिस्टम के चलते युवा उद्यमी कम पूंजी निवेश के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू कर पा रहे हैं। ये स्टार्टअप धीरे-धीरे उच्च आय वाले और रोजगार सृजन करने वाले उद्यमों में विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में सहायक सिद्ध हो रही है। इससे न केवल ईंधन आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्वदेशी तकनीक और निर्माण को भी बढ़ावा माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियाँ, प्रोत्साहन योजनाएँ और स्टार्टअप अनुकूल वातावरण इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक परिवहन प्रणाली सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्बन उत्सर्जन को कम करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने में सहायक है। उन्होंने उद्योग जगत, शोध संस्थानों और युवाओं से इस क्षेत्र में मिलकर काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और वैश्विक स्तर पर देश की पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
