चांदी ने सोने को पछाड़ा: इस साल 90% उछाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहली बार 55 डॉलर प्रति ओंस पार क्यों भाग रही है चांदी की कीमत?

नई दिल्ली: चांदी की कीमतों में इस साल अभूतपूर्व तेजी देखने को मिल रही है। जहां सोना लगातार चढ़ रहा है, वहीं चांदी ने उसे पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 55 डॉलर प्रति ओंस के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 90% तक की तेज़ी दर्ज हो चुकी है।
भारत में भी जबरदस्त उछाल
शुक्रवार को भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी ₹1,692 बढ़कर ₹1,64,359 प्रति किलो हो गई।
एमसीएक्स पर 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी ₹359 की तेजी के साथ ₹1,75,340 पर बंद हुई।
चांदी इतनी तेज क्यों दौड़ रही है?
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं:
1. सप्लाई संकट (Supply Tightness)
दुनिया के कई देशों में चांदी की आपूर्ति कम हो गई है। खदानों में उत्पादन पिछले साल की तुलना में धीमा है जबकि औद्योगिक डिमांड बढ़ती जा रही है।
2. फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद
अमेरिकी फेडरल रिजर्व दिसंबर में ब्याज दरों में कमी कर सकता है।
कम ब्याज दरें आमतौर पर बुलियन (सोना-चांदी) की कीमत बढ़ाती हैं क्योंकि निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।
3. ETFs में भारी निवेश
बुलियन-समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में इस साल रिकॉर्ड स्तर का इनफ्लो देखने को मिला है।
ETFs की खरीद चांदी की मांग को और बढ़ा रही है।
4. तकनीकी संकेत (Technical Buying)
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से चांदी के टेक्निकल चार्ट बेहद मजबूत दिख रहे हैं।
चार्ट्स पर आधारित ट्रेडिंग करने वाले सट्टेबाज इन संकेतों के आधार पर भारी खरीदारी कर रहे हैं, जिससे कीमत और ऊपर जा रही है।
5. औद्योगिक डिमांड में उछाल
चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), सोलर पैनल, बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन चांदी की कीमत को लगातार सपोर्ट दे रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फेड दरों में कटौती करता है और सप्लाई में सुधार नहीं आता, तो चांदी की कीमतें आने वाले महीनों में और ऊपर जा सकती हैं। हालांकि तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली के चलते बीच-बीच में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
