नीतीश कुमार सरकार में विभागों का बंटवारा अंतिम चरण में, 26 मंत्रियों को मिले नए प्रभार

गुरुवार को शपथ ग्रहण के बाद बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने आखिरकार अपने मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है। करीब 24 घंटे से अधिक समय तक चली बैठकों, चर्चाओं और अंदरूनी मंथन के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों के विभागों की सूची तैयार करके राज्यपाल को सौंप दी। इसके साथ ही यह साफ हो गया कि नई सरकार में कौन मंत्री किस विभाग की जिम्मेदारी संभालेगा और मुख्यमंत्री अपने पास कौन-कौन से प्रमुख विभाग रख रहे हैं।
शुक्रवार की शाम लगभग चार बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे, जहाँ उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मंत्रियों के विभाग आवंटन की पूरी सूची राज्यपाल को सौंपी। राजभवन द्वारा अब जल्द ही विभागों की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद मंत्रियों को औपचारिक रूप से अपने-अपने मंत्रालयों का कार्यभार संभालने का रास्ता साफ हो जाएगा।
एनडीए की नई सरकार बनने के बाद से ही विभागों के बंटवारे को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अंदर विभिन्न दलों के बीच सहमति बनाने में काफी समय लगा। जेडीयू, बीजेपी सहित अन्य घटक दलों के नेताओं के बीच लगातार संवाद चलता रहा। शुक्रवार को भी मुख्यमंत्री ने दिनभर कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया और मंत्रिमंडल की संरचना पर अंतिम फैसला लिया।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के पास पहले की तरह कुछ अहम विभाग रहने की संभावना है, जिनमें सामान्य प्रशासन, गृह विभाग, कैबिनेट सचिवालय और सतर्कता जैसे प्रमुख मंत्रालय शामिल माने जा रहे हैं। वहीँ सहयोगी दलों के नेताओं को उनकी वरिष्ठता, राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए विभाग सौंपे गए हैं। 26 मंत्रियों के इस नए मंत्रिमंडल में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चल सके और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
एनडीए नेताओं के बीच पिछले 24 घंटे में कई दौर की चर्चा हुई। विभागों के बंटवारे पर विभिन्न दलों की अपेक्षाएँ थीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों को साथ लेकर निर्णय लेने का प्रयास किया। कई बार बैठकों में देर रात तक विचार-विमर्श चला। अंततः शुक्रवार को स्थिति स्पष्ट हो गई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभागों के आवंटन पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।
नई विभागीय सूची जारी होने के बाद अब बिहार में नई सरकार का वास्तविक कामकाज तेज़ी से शुरू होगा। तमाम मंत्रियों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार योजनाओं, कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं को निर्धारित करना होगा। सरकार के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं—बेरोज़गारी, विकास परियोजनाएँ, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचा उनमें प्रमुख हैं। ऐसे में नए मंत्रियों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी।
