फीफा वर्ल्ड कप 2026: ब्राजील की पहली जीत, हैती को 3-0 से हराया; अमेरिका भी नॉकआउट चरण में पहुंचा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है और टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में कई बड़ी टीमें अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने अपने दूसरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए हैती को 3-0 से हराकर प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत ने न केवल ब्राजील के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि टीम को अपने समूह में शीर्ष स्थान तक भी पहुंचा दिया।
ब्राजील की टीम पहले मैच में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी और उसे अंक साझा करने पड़े थे। ऐसे में हैती के खिलाफ मुकाबला टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। मैदान पर उतरते ही ब्राजील ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और शुरुआत से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। टीम के स्टार खिलाड़ी मैथियस कुन्हा ने पहले हाफ में दो शानदार गोल कर ब्राजील को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी तेज रफ्तार, बेहतरीन मूवमेंट और गोल करने की क्षमता ने हैती के डिफेंस को पूरी तरह असहज कर दिया।
पहले हाफ के अंत से पहले विनीसियस जूनियर ने एक और गोल दागकर ब्राजील की बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। इसके बाद मैच का रुख पूरी तरह ब्राजील के पक्ष में चला गया। दूसरे हाफ में टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी खिलाड़ियों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हालांकि दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन ब्राजील ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबले को अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ ब्राजील ने समूह में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। बेहतर गोल अंतर के आधार पर टीम शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है, जिससे आगामी मुकाबलों में उसे मनोवैज्ञानिक बढ़त भी मिल सकती है। ब्राजील के प्रशंसकों के लिए यह प्रदर्शन राहत भरा रहा, क्योंकि टीम से हमेशा बड़े मंच पर दमदार खेल की अपेक्षा की जाती है।
दूसरी ओर, इसी समूह में मोरक्को ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। मुकाबले की शुरुआत होते ही मोरक्को ने बढ़त हासिल कर ली और पूरे मैच में उसी एक गोल के दम पर जीत दर्ज की। शुरुआती बढ़त ने टीम को आत्मविश्वास दिया और मजबूत रक्षात्मक रणनीति के कारण स्कॉटलैंड बराबरी का गोल नहीं कर सका। इस जीत ने समूह की प्रतिस्पर्धा को और अधिक रोचक बना दिया है।
ग्रुप डी में संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से पराजित किया। अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में ही मैच पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। एक आत्मघाती गोल और इसके बाद आए हेडर गोल ने अमेरिका को निर्णायक बढ़त दिला दी। इसके बाद टीम ने पूरे मुकाबले में संतुलित खेल दिखाते हुए जीत सुनिश्चित की।
अमेरिका के लिए यह जीत बेहद खास रही क्योंकि लगातार दो मुकाबले जीतने के बाद उसने नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। इससे पहले टीम ने अपने शुरुआती मैच में भी प्रभावशाली जीत हासिल की थी। दो मैचों में लगातार सफलता मिलने के कारण अमेरिका टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया है। खास बात यह है कि टीम ने समूह चरण का एक मैच बाकी रहते हुए अगले दौर में प्रवेश कर लिया, जो उसके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती मुकाबलों ने यह साफ कर दिया है कि इस बार प्रतियोगिता में कोई भी टीम आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं है। ब्राजील, मोरक्को और अमेरिका जैसी टीमों के प्रदर्शन ने टूर्नामेंट को और रोमांचक बना दिया है। आने वाले मुकाबलों में नॉकआउट दौर की तस्वीर और स्पष्ट होगी, जिस पर दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी हुई हैं।
