राष्ट्रपति ने लॉन्च किया ‘स्किल द नेशन’ चैलेंज, एआई युग के लिए युवाओं को तैयार करने पर जोर

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘स्किल द नेशन’ चैलेंज का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य देश के युवाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक स्किल्स से लैस करना और उन्हें तकनीक आधारित दुनिया के लिए तैयार करना है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह अभियान युवाओं को ऐसे स्किल प्रोग्राम्स से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम है जो उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा।

इसी कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने ओडिशा के रायरांगपुर में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के नए रीजनल सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। यह केंद्र उत्तरी ओडिशा में स्किल आधारित शिक्षा और ट्रेनिंग को नई गति देगा जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बेहतर रोजगार के अवसर तैयार होंगे। इससे न सिर्फ शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी बल्कि उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।

कार्यक्रम का आयोजन कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा किया गया था और यह स्किल इंडिया मिशन के तहत एसओएआर यानी स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस पहल का हिस्सा है। इस मंच पर राष्ट्रपति ने छात्रों और संसद सदस्यों समेत कई प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े सर्टिफिकेट भी प्रदान किए। उन्होंने इसे उत्साहजनक बताया कि देश के प्रतिनिधि और युवा नई तकनीक सीखकर आगे बढ़ रहे हैं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया भर में अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को बदल रहा है। सीखने के तरीके से लेकर कामकाज और सेवाओं तक पहुंच के तौर तरीके तेजी से बदल रहे हैं। भारत जैसे युवा देश के लिए एआई सिर्फ एक तकनीक नहीं बल्कि एक बड़ा अवसर है जो विकास को नई दिशा दे सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से यह रहा है कि तकनीक लोगों को सशक्त बनाए और सभी को साथ लेकर चले। एआई का इस्तेमाल सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने में होना चाहिए ताकि इसके लाभ हर तबके तक पहुंच सकें खासकर उन लोगों तक जो अब तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहे हैं।

राष्ट्रपति ने युवाओं से अपील की कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा में करें और नई चुनौतियों के समाधान खोजें। उन्होंने उन सांसदों की भी सराहना की जिन्होंने एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा किया और नेतृत्व की मिसाल पेश की।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित होगा और जीडीपी रोजगार तथा उत्पादकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। डेटा साइंस एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल भारत के एआई टैलेंट को मजबूत करेंगे। सरकार संस्थानों उद्योग और शिक्षा जगत के साथ मिलकर एक जिम्मेदार और तकनीक आधारित भविष्य बनाने के लिए काम कर रही है।

अंत में राष्ट्रपति ने सभी से मिलकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारत को ज्ञान महाशक्ति बनाकर एक समावेशी और समृद्ध देश की दिशा में आगे बढ़ना है

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